मुरादाबाद। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को असालतपुरा के सात चमड़ा गोदामों को सील कर दिया। यह कार्रवाई गत माह सात फरवरी को जानवरों की खाल रखने पर मुख्य पर्यावरण अधिकारी ने नौ करोड़ 58 लाख 12 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माने के बाद की गई है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में 29 फरवरी जिलाधिकारी ने भी आदेश जारी किए थे। भविष्य में वहां प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां संचालित नहीं की जा सकें, इसलिए कार्रवाई की गई है।
उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेएलए आसिफ अली, एलए आकाश जोशी और थाना असालतपुरा के हेड कांस्टेबल मनोज कुमार रस्तोगी ने स्टार हाइड कंपनी चमड़ा गोदाम रोड, आइडियल एसएस हाइड्स (प्रथम इकाई) चमड़ा चौराहा, एमडी हाइड ट्रेडर्स चमड़ा चौराहा, आइडियल एसएस हाइड्स (द्वितीय इकाई) मोहल्ला असालतपुरा पुलिस चौकी, आइडियल एसएस हाइड्स (तृतीय इकाई) चमड़ा चौराहा, मुरादाबाद हाइड चमड़ा चौराहा, राजा पुत्र मुन्नन चमड़ा गोदाम रोड का निरीक्षण किया। इन गोदामों में चमड़ा भंडारण नहीं पाया गया। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण अजय कुमार शर्मा ने बताया कि गोदाम के बंदी के आदेश थे। वर्तमान में चमड़ा भंडारण नहीं था, लेकिन भविष्य में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए गोदाम सील किए गए हैं।
यह था मामला
सात फरवरी को मुख्य पर्यावरण अधिकारी अमित चंद्रा ने पत्र कर सभी गोदामों पर नौ करोड़ 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। प्रत्येक गोदाम पर एक करोड़ 36 लाख 87 हजार पांच सौ रुपये का दंड था। सभी गोदामों में जानवरों की खाल को नमक का प्रयोग कर संरक्षित कर भंडारण करने का आरोप था। इसकी वजह से गोदामों से तीव्र दुर्गंध फैलती है। इसके अलावा गोदामों में जनित साल्ट और वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में अर्थदंड लगाया गया था।