मुरादाबाद। मौसम में आ रहे उतार-चढ़ाव का असर शहर की आबोहवा पर भी पड़ रहा है। मंगलवार को दिनभर धूप खिली रही, इसके बावजूद शहर का वायु प्रदूषण लाल निशान पर पहुंच गया। इसमें पीएम 2.5 खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दी के समय वायु प्रदूषण से सांस के मरीजों को सबसे अधिक परेशानी होती है।
पिछले दो दिन से गलन और शीतलहर से जिंदगी ठिठुर रही थी। दिनभर आसमान में सूर्य देव के दर्शन नहीं हो रहे थे। मंगलवार को मौसम में बदलाव हुआ। सुबह से आसमान में धूप खिलने लगी। दिनभर मौसम साफ रहा। इसके बावजूद अभी गलन बरकरार है। दिन में धूप खिली होने के बावजूद दोपहर के प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दोपहर एक बजे का वायु गुणवत्ता सूचकांक 320 माइक्रो प्रति घन मीटर था। रात के समय इसमें गिरावट दर्ज की गई। रात नौ बजे का एक्यूआई 315 दर्ज किया गया। नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स की वेबसाइट के अनुसार पीएम 2.5 का औसत 315, न्यूनतम 273 और अधिकतम 388 माइक्रो प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। टाइम लाइन पर ज्यादातर समय लाल रंग की स्थिति रही। पीएम 10 के प्रदूषण में कमी दर्ज की गई। पीएम 10 का औसत 175, न्यूनतम, 141 न्यूनतम और अधिकतम 265 माइक्रो प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। हिंदू कालेज स्थित नैम्प समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि हवा आठ मीटर प्रति सेकेंड की गति से नीचे होने पर यही स्थिति बन जाती है। इससे प्रदूषण के कणों का फैलाव नहीं हो पाता है। वह वातावरण में प्रदूषित हवा बनी रहती है। यदि हवा में गति नहीं बढ़ेगी तो यही स्थिति बनी रहेगी।