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Moradabad News: भाजपा के भीतरी घमासान के बीच चढ़ा ठाकुरद्वारा का सियासी तापमान

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मुरादाबाद। मिश्रित आबादी के होते हुए भी शांत रहने वाले नारायणपुर छंगा गांव में बृहस्पतिवार रात का पथराव और उससे गहराया तनाव जहां जिलेभर में चर्चा में है, वहीं इससे ठाकुरद्वारा क्षेत्र का सियासी पारा एकाएक ऊपर चढ़ गया है। शुक्रवार को भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता इलाके में सक्रिय रहे तो सभी का केंद्र संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर का नाम लेकर आरक्षित वर्ग के मतदाताओं को रिझाना है। अरसे से भाजपा के प्रभाव वाली सीट रही ठाकुरद्वारा से भाजपा के टिकट के लिए भाजपाइयों के बीच अभी से खासी रस्साकशी है।
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सियासी जानकारों का तो यह भी मानना है कि बृहस्पतिवार रात नारायणपुर छंगा में जो हुआ, उसके पीछे भी कहीं न कहीं भाजपाइयों की अंदरूनी खींचतान है। घटनाक्रम हो जाने के बाद अलग-अलग भाजपाई गुट इसी मामले को लेकर अपनी लकीर लंबी करने से ज्यादा दूसरे की लाइन छोटी करने में लगे हैं।

दरअसल पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह के सांसद बनने से पहले ठाकुरद्वारा सीट लंबे समय तक उनके प्रभाव का बड़ा उदाहरण बनती रही है। भाजपा नेतृत्व भी हर विधानसभा चुनाव से पहले इस सीट को लेकर जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त रहता था। सिंह के सांसद बनने के बाद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान ठाकुरद्वारा से टिकट के दावेदार के रूप में आगे आए। उप चुनाव के लिए भाजपा ने टिकट दिया लेकिन वह सफल नहीं हुए थे। 2017 में फिर भाजपा ने विधानसभा चुनाव का टिकट दिया था।
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साल 2022 में विधानसभा चुनाव आते ही सर्वेश सिंह ने ठाकुरद्वारा से अपनी पत्नी साधना सिंह और बिजनौर की बढ़ापुर सीट से बेटे के टिकट का दावा रखा। दूसरी ओर राजपाल सिंह के बेटे अमित चौहान को भी टिकट के दावेदार के रूप में आगे किया गया। उनके सिंगापुर में बैंक के बड़े पद की नौकरी छोड़कर सियासी अखाड़े में उतरने की बात खूब प्रचार में रही थी।

हालात देख भाजपा ने इन दोनों को साधने के लिए नए चेहरे के रूप में नारायणपुर छंगा गांव के रहने वाले अजय प्रताप सिंह को उम्मीदवार बना दिया। नतीजों में अजय को विजय नहीं मिल सकी लेकिन अब वह आगामी चुनाव के टिकट की दावेदारी के साथ सक्रिय हैं। इस सीट पर एक पूर्व ब्लॉक प्रमुख सहित दो और दावेदार हैं।

क्षेत्र के लोगों ने बताया कि 14 अप्रैल को बाबा साहब के जन्मोत्सव के मौके पर राजपाल सिंह और उनके बेटे अमित चौहान ने नारायणपुर छंगा गांव पहुंचकर आंबेडकर प्रतिमा और पार्क की सफाई की। आंबेडकर जन्मोत्सव भी इसी गांव में मनाया। इसका वीडियो काफी वायरल हुआ। इसकी प्रतिक्रिया अजय प्रताप समर्थकों में दूसरे रूप में हुई। अजय के गांव में पिता-पुत्र की सियासी सूझ वाली सक्रियता को समर्थकों ने अजय की जमीन पर सेंधमारी के रूप में देखा। नतीजे में दोनों के समर्थकों में खींचतान शुरू हो गई। कुछ लोगों ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात अजय प्रताप का जन्मदिन मनाने के दौरान के विवाद की बुनियाद में दोनों के समर्थकों के बीच की वही खींचतान थी। मसला बढ़ने से पथराव और मूर्ति क्षतिग्रस्त होने की घटना सामने आ गई।

ठाकुरद्वारा थाने में शुक्रवार को दर्ज कराई रिपोर्ट में भी इसका जिक्र किया गया है। अब हर भाजपाई गुट इस मामले की भरपाई की कोशिश में है।

बता दें कि एक हजार की आबादी के इस गांव में 500 मतदाता हैं। इनमें 200 मतदाता अनुसूचित जाति, 150 कश्यप समाज और बाकी ठाकुर समाज से हैं। कभी विवाद नहीं होने और जातीयता से ऊपर उठकर सबका मिलकर रहना गांव की खूबी मानी जाती थी। बृहस्पतिवार की रात के विवाद के बाद से गांव में दो पक्षों के बीच लंबी लकीर खिंचने की आशंका भाजपा नेतृत्व को बेचैन किए है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी मामले का लिया संज्ञान

अमर उजाला ब्यूरो

मुरादाबाद। ठाकुरद्वारा के गांव में विवाद के बीच डॉ. आंबेडकर की मूर्ति क्षतिग्रस्त होने का मसला भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक भी पहुंच गया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने फोन पर भाजपा नेताओं से बात कर पूरी रिपोर्ट ली।

उन्होंने कहा कि भाजपा की बाबा साहब भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर के प्रति गहरी आस्था है। इसी वजह से पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर

जयंती भी मना रही है। इस मामले में जिला प्रशासन कानून के मुताबिक कार्रवाई करेगा। पुलिस को निष्पक्ष कार्रवाई के लिए कहा गया है। ब्यूरो

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गांव पहुंचे कई दलों के नेता, कार्रवाई की मांग उठी

संवाद न्यूज एजेंसी

ठाकुरद्वारा। नारायणपुर छंगा गांव में शुक्रवार को एक तरफ पुलिस टीमें सक्रिय रहीं तो दूसरी ओर राजनीतिक दलों के नेता। एसपी ग्रामीण, एडीएम प्रशासन, एसडीएम और सीओ पूरे दिन गांव में कैंप करते रहे।

इस बीच बसपा के जिला सचिव डॉ रामपाल सिंह गौतम, पूर्व सांसद गिरीश चंद्र, आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव राजकुमार यादव एडवोकेट, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, भाजपा नेता राजपाल सिंह चौहान, अमित चौहान, भीम आर्मी के कार्यकर्ता सहित काफी संख्या में लोग गांव में पहुंचे। नेताओं ने घायलों से मिलकर उनका हाल जाना और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
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शुक्रवार शाम आजाद समाज पार्टी और बसपा के नेता एसपी से मिले और एफआईआर की मांग की। दोनों पक्षों में लंबी बात के बाद कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई।
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