मुरादाबाद। पुलिस कर्मी अब टूटी फूटी बैरक नहीं बल्कि फ्लैट में रह रहे हैं। पुलिस लाइन में 11 मंजिला और चार मंजिला दो इमारतों का निर्माण किया गया है। भूकंपरोधी तकनीक से तैयार की गईं इन इमारतों में 800 पुलिस कर्मी रह हैं। इसके अलावा पुलिस लाइन में 598 आवास भी हैं। थानों में भी बहुमंजिला बैरक का निर्माण चल रहा है।
पुलिस विभाग में सीओ या उनसे ऊपर के अधिकारियों के लिए अच्छे आवास तैयार किए जाते थे लेकिन सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टरों के आवास पर विभाग भी ज्यादा ध्यान नहीं देता था लेकिन अब आवास व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। पुलिस लाइन में ही 11 मंजिला इमारत बनाई गई है जिसमें 200 पुलिस कर्मियों के अलावा बैरक तैनात की है। यह बैरक फ्लैट नुमा बनाई हैं जिसमें रसोई, शौचालय के साथ ही उच्च स्तरीय सुविधाएं हैं। पानी बिजली की व्यवस्था भी है। इसके अलावा पुलिस लाइन में ही चार मंजिला एक और इमारत बनाई हैं इसमें भी 200 पुलिस कर्मी एक साथ रह रहे हैं। दो मंजिला तीसरी बिल्डिंग में एसपी यातायात कार्यालय, साइबर सेल, एसआईटी कार्यालय, क्राइम ब्रांच ऑफिस, डीसीआरबी कार्यालय बनाए गए हैं। बिलारी, मैनाठेर, भगतपुर, भोजपुर और ठाकुरद्वारा में नई बैरक बनाई गई हैं। सोनकपुर थाने के लिए कार्यालय भवन, बहुमंजिला बैरक का निर्माण चल रहा है।
1000 प्रशिक्षु सिपाहियों के लिए बनाई हैं बैरक
मुरादाबाद। पुलिस लाइन में पहली बार एक हजार पुलिस कर्मी एक साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। इनके रहने के लिए बैरक तैयार की गई हैं। इन बैरकों को पुलिस मुख्यालय लखनऊ का लुक दिया गया है।
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अगवानपुर और जयंतीपुर थानों के लिए बनेंगे भवन और बैरक
मुरादाबाद। जिले में दो पुलिस चौकियों को थाने बनाने प्रस्ताव शासन से मंजूर हो गया है। दोनों पुलिस कर्मियों में जल्द ही भवन और बैरक का निर्माण शुरू किया जाएगा। जिले स्तर पर भी इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिले में पांच नई पुलिस चौकियां भी बनाई हैं।
पुलिस लाइन में तीन बिल्डिंग का निर्माण किया गया है। 11 मंजिला बिल्डिंग में 200 पुलिस कर्मियों के लिए बैरक हैं। एक चार मंजिला बिल्डिंग हैं इसमें भी 200 पुलिस कर्मियों के लिए बैरक है। पुलिस लाइन में 598 आवास हैं। सभी थानों में भी बैरक और आवास हैं। बीच बीच में इन आवासों और बैरक की मरम्मत भी की जाती है। - सतपाल अंतिल, एसएसपी