मुरादाबाद। एसओजी की शिकायत एडीजी से करने पर दरोगा और सिपाही बुधवार शाम सराफ की मां को धमकाने उसके घर पहुंच गए। महिला ने पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया कि उन्हें उसे धमकी दी है कि वह कहीं भी शिकायत कर ले। अब उसका बेटा जेल से बाहर नहीं आएगा। पुलिस कर्मियों के घर से चले जाने के बाद महिला एसएसपी और आईजी से शिकायत की है।
कटघर थानाक्षेत्र के भदौड़ा निवासी ललिता वर्मा ने मंगलवार को बरेली पहुंचकर एडीजी को प्रार्थना पत्र दिया था। जिसमें महिला ने बताया था कि उसके बेटे सोनू वर्मा की मझोला के जयंतीपुर में सराफा दुकान है। 19 नवंबर को एसओजी टीम सोनू की दुकान पर पहुंची थी। महिला ने आरोप है कि टीम के सदस्य सोनू को उठाकर ले गए थे। आरोप लगाया था कि एसओजी ने पांच लाख रुपये की मांग की थी। जब सोनू ने रुपये नहीं दिए तो उसके बेटे को दो अन्य आरोपियों के साथ चेन लूट का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया है। महिला ने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांगी थी। बुधवार सुबह महिला ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर अपने बेटे को बाहर निकलवाने की मांग रखी थी। एसएसपी ने महिला को निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया था। महिला ने बताया कि बुधवार शाम करीब पांच बजे एक दरोगा और दो सिपाही उसके घर पहुंचे। उन्होंने घर में घुसते ही महिला को धमकाना शुरू कर दिया। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मी उसे धमकी दे रहे थे कि वो कहीं भी शिकायत कर ले, लेकिन अब उसका फोटो जेल से बाहर नहीं आएगा। महिला ने फोन पर एसएसपी से इस मामले की शिकायत की है। एएसपी अनिल यादव ने बताया कि महिला के प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बुधवार शाम महिला को बुलाने के लिए पुलिस कर्मियों को भेजा गया था। ताकि महिला के बयान दर्ज किए जा सकें। पुलिस कर्मी महिला को धमकाने नहीं गए थे।