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हथकड़ी लगाकर हवालात में डाला आरटीआई कार्यकर्ता

Sun, 28 Aug 2016 11:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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हथकड़ी लगाई
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सरकारी जमीनों पर कब्जों की जानकारी मांगना आरटीआई कार्यकर्ता को महंगा पड़ गया। भगतपुर पुलिस ने कार्यकर्ता को पकड़ लिया और हथकड़ी लगाकर हवालात में डाल दिया। उसके साथ मारपीट की और शांतिभंग में चालान भी कर दिया। पुलिस के इस कारनामे की शिकायत करने पीड़ित 60 किलोमीटर दूर एसएसपी दफ्तर पहुंचा, लेकिन दफ्तर में तैनात पुलिस वालों ने उसे एसएसपी से मिलने नहीं दिया।
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पीड़ित आरटीआई कार्यकर्ता रामदीश भगतपुर के पीपल गांव का रहने वाला है। रामदीश ने बताया कि कुछ दिन पहले उसने डीएम कार्यालय से पीपल गांव के सरकारी तालाबों, झील और राशन की दुकान पर वितरित किए जाने वाले राशन की जानकारी मांगी थी। इसके अलावा भी वह आरटीआई के जरिये जानकारियां मांगता रहता है। जिससे सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले उससे नाखुश रहते हैं।

भगतपुर पुलिस उससे इसलिए खफा थी कि उनके क्षेत्र की जमीनों पर कब्जे की जानकारी मांगी है। चौबीस जुलाई को पड़ोसी उदय राज ने उनके घर में घुसकर मारपीट की थी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और रामदीश और उनके  बेटे मुनेश को पकड़ कर थाने ले गई। पुलिस ने हथकड़ी लगाकर दोनों को हवालात में डाल दिया। इसके बाद दोनाें का चालान कर दिया। हालांकि पुलिस ने दूसरे पक्ष के उदयराज का भी चालान किया था।
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पीड़ित का कहना है कि उस घटना के बाद से आरोपी पक्ष व सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वाले उसकी हत्या कराने की फिराक में हैं। वह शिकायत लेकर थाने जाता है तो पुलिस उसे धमकाकर थाने से भगा देती हैं। उसने इस मामले की शिकायत  तहसील दिवस में भी की। लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो पाई है। एसओ भगतपुर ने बताया कि दो पक्षों में दरवाजा लगने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के लोगों को शांति भंग में चालान किया गया था। रामदीश झूठे आरोप लगा रहा है। 

60 किलोमीटर का सफर तय करके भी नहीं हुई एसएसपी से मुलाकात-  पीड़ित रामदीश ने बताया कि आरोपी उसे धमकियां दे रहे हैं और भगतपुर थाने में सुनवाई नहीं हो पा रही है। शनिवार को वह अपने बेटे के साथ एसएसपी से शिकायत करने पहुंचा था। लेकिन 60 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद भी वह अपना दर्द एसएसपी के सामने नहीं रख पाया। कार्यालय में तैनात पुलिस वालाें ने उसे एसएसपी से मिलने नहीं दिया।

डीएम एसएसपी नहीं यहां के मालिक हम हैं- रामदीश ने बताया कि जब उसके घर उदयराज और उसके परिवार के लोगों ने हमला किया तो उसने सीधे एसएसपी को कॉल कर घटना की जानकारी दे दी थी। एसएसपी के आदेश पर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। एसओ ने उसका मोबाइल छीन लिया था। रामदीश के मोबाइल में डीएम और एसएसपी के सरकारी नंबर थे। जिसे देखकर एसओ भड़क गए और बोले यहां के मालिक डीएम और एसएसपी नहीं, बल्कि हम हैं। यहां हम जो चाहेंगे वैसा ही करेंगे। 
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