मुरादाबाद। एडीजी जीआरपी पीयूष आनंद ने सोमवार दोपहर जीआरपी लाइन का निरीक्षण किया। उन्होंने क्वार्टर गार्द में तैनात सिपाही से हथियार (इंसास) को खोलकर दिखाने को कहा, लेकिन सिपाही हथियार नहीं खोल सका। इसके अलावा उन्होंने अन्य पुलिस कर्मियों से हथियार खोलने को कहा, मगर कोई भी पुलिस कर्मी हथियार नहीं खोल पाया। कुछ देर रुकने के बाद उन्होंने एसपी और सीओ से कहा कि देख लीजिए पुलिस कर्मियों की हालत है। इसके बाद वह आगे के लिए रवाना हो गए।
एडीजी जीआरपी पीयूष आनंद सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे लाइनपार स्थित जीआरपी लाइन पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले सम्मेलन सभागार और आदेश कक्ष का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने लाइन का बारीकी से निरीक्षण किया। बैरक में पहुंच कर उन्होंने एक-एक बैरक चेक की। किस बैरक में कितने पुलिस कर्मी रहते हैं। इसकी भी पूरी जानकारी ली। उन्होंने मेस का भी निरीक्षण किया। यहां पुलिस कर्मियों से खाने की क्वालिटी के बारे में पूछताछ की गई।
इसी दौरान वह क्वार्टर गार्द में पहुंच गए। उन्होंने शस्त्रागार का भी निरीक्षण किया। यहां इंसास लेकर ड्यूटी कर रहे सिपाही सुधीर कुमार पर एडीजी की नजर पड़ गई। उन्होंने सिपाही को बुला लिया और उससे इंसास खोलकर दिखाने को कहा, काफी प्रयास के बाद भी सिपाही हथियार नहीं खोल पाया। एडीजी ने दूसरे पुलिस कर्मियों से हथियार खोलकर दिखाने को कहा, मगर वहां मौजूद पुलिसकर्मी हथियार नहीं खोल पाए। इस पर उन्होंने साथ मौजूद एसपी रेल अपर्णा गुप्ता और सीओ देवीदयाल से कहा - देख रहे हैं पुलिसकर्मियों की हालत।
बाद में इस बाबत जब एडीजी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि बहुत सी चीजें हैं। जहां सुधार की जरूरत है। कभी-कभी कोई वरिष्ठ अधिकारी आ जाते तो पुलिस कर्मी नर्वस हो जाते हैं, हथियार को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संचालित नहीं कर पाते हैं। मैंने एसपी और सीओ से कहा कि इस मामले में सुधार किया जाए। निरीक्षण के दौरान एसपी रेल अपर्णा गुप्ता व अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
अखबार से ढकी मिली खिड़कियां, टायलेट भी गंदे मिले
एडीजी जीआरपी ने बैरकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने देखा कि बैरक में खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे। जिन्हें अखबार से ढक रखा था। इसके अलावा टायलेट भी गंदे थे। उस वक्त जीआरपी लाइन के मैदान में बारिश का पानी भरा हुआ था। एडीजी ने इसे सही कराने के आदेश दिए हैं।