बिलारी। विधानसभा क्षेत्र तीस बिलारी के दो अलग-अलग बूथों पर डबल वोट बनवाने के प्रयास को लेकर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शनिवार सुबह पुलिस ने जांच शुरू कर दी। दोनों विवेचक तहसील कार्यालय पहुंचे, आवेदन संबंधी अभिलेख जांचने के साथ ही वादी के बयान लिए।
ठाकुरद्वारा विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 318 ढकिया पीरू की सूची में दर्ज मोहम्मद साहिल ने बिलारी विधानसभा क्षेत्र के सहसपुर गांव के बूथ संख्या 227 की सूची में वोटर के रूप में अपना नाम शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। बिलारी विधानसभा क्षेत्र के ही असालतनगर बघा गांव के बूथ संख्या 326 के वोटर अजीम ने अपना एक और अन्य वोट इसी बूथ पर बनाए जाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। बीएलओ द्वारा जांच करने के बाद मोहम्मद साहिल और अजीम के आवेदन पकड़ में आ गए थे। बीएलओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन के उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद शुक्रवार शाम तहसील के राजस्व निरीक्षक यशपाल गिरी ने साहिल और अजीम के खिलाफ थाना बिलारी में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वरिष्ठ उप निरीक्षक अशोक कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार दोपहर उन्होंने तहसील कार्यालय पहुंचकर रिपोर्ट के वादी राजस्व निरीक्षक के बयान लिए और जरूरी जानकारी जुटाई। इस दौरान अजीम द्वारा वोटर बनने के लिए ऑनलाइन किए गए आवेदन और बीएलओ द्वारा लगाई गई जांच रिपोर्ट की फोटो प्रति भी साक्ष्य के तौर पर ली। विवेचक के अनुसार बीएलओ मोहम्मद जुबैर ने बताया कि उन्हें मतदाता सूची में शामिल नामों की पहले से ही जानकारी थी जैसे ही अजीम का आवेदन सामने आया तभी उन्होंने जांच कर डबल वोटर बनने के लिए आवेदन करने की जांच रिपोर्ट लगा दी थी। विवेचक के अनुसार जांच के दौरान यह भी पता चला है कि बीते वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान अजीम ने अपना पहले से वोट बना होने के आधार पर वोट भी डाला था। उधर, साहिल के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट की जांच कर रहे उपनिरीक्षक राहुल कुमार ने बताया कि उन्होंने तहसील कार्यालय पहुंचकर साहिल द्वारा किए गए ऑनलाइन आवेदन और बीएलओ की जांच रिपोर्ट संकलित की। जांच में पता चला है कि ठाकुरद्वारा क्षेत्र निवासी साहिल ने बिलारी के सहसपुर गांव में वोटर बनने के लिए अपनी ओर से ऑनलाइन आवेदन किया। साहिल से बयान लेने के बाद पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
उधर तहसील कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अजीम और साहिल दोनों के द्वारा नेशनल वोटर सर्विस पोर्टल पर बीते दिनों चले एसआइआर अभियान के दौरान नया वोटर बनने के लिए आवेदन किया था। दोनों का आवेदन जांच के दौरान नियम विरुद्ध होना पाया गया था। दोनों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।