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पुलिस के सिस्टम से तंग सिपाही ने फंदा लगाकर जान दी, डीजीपी को लिखा सुसाइड नोट

Wed, 10 Jul 2019 03:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
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suicide - फोटो : Social Media
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पुलिस के सख्त ड्यूटी सिस्टम से तंग आकर सिपाही पंकज बालियान (25) ने फंदे पर लटककर जान दे दी। जेब से मिले पुलिस महानिदेशक को संबोधित सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि मेरी मौत का जिम्मेदार केवल और केवल खराब ड्यूटी सिस्टम है। उसने लिखा है कि आशा है आप मेरे शारीरिक त्याग को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। 

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मृतक के पिता नरेश वालियान ने थाना पुलिस पर आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी है। लेकिन देर रात इस तहरीर के बजाय मृतक के भाई जितेंद्र से तहरीर लेकर अज्ञात के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है। एसपी अमरोहा ने आरोपों की जांच कराने की बात कही है। 

इस बीच संबंधित थाने के प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह ने मामले में कथित प्रेम प्रसंग का पहलू भी जोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि पंकज की ड्यूटी और छुट्टियों का निर्धारण इन्हें ही करना होता था। उनका  कहना है कि नाकाम प्रेम के कारण पंकज डिप्रेशन में था। पंकज के मोबाइल की कॉल डिटेल चेक कराई जा रही हैं। मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। 
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पंकज का शव मंगलवार को तड़के अपने किराये के कमरे में पंखे के कुंडे से लटका मिला। मुजफ्फरनगर के थाना बारा कलां के गांव मोहम्मदपुर मारन निवासी पंकज मंडी धनौरा थाने के हलका नंबर दो में तैनात था। सोमवार की रात 11 बजे वह रामलीला मैदान में चल रही प्रदर्शनी से आया था। उसकी रात्रि 12 बजे से फिर ड्यूटी थी, लेकिन वह ड्यूटी पर नहीं गया। 

उसके साथ रहने वाला सिपाही अतुल दूसरे कमरे में जाकर सो गया। तड़के लगभग पांच बजे अतुल उसके कमरे में पहुंचा तो पंकज रस्सी से लटका हुआ था। उसने प्रभारी निरीक्षक को जानकारी दी। बाद में सीओ की मौजूदगी में शव को उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सुसाइड नोट और मोबाइल पुलिस द्वारा जब्त कर लिया गया। 

खबर मिलते ही थाने पहुंचे परिजनों ने पंकज की मौत के लिए थाना पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। थाने में मौजूद पिता ने बताया कि उनका बेटा आए दिन थाना पुलिस पर ड्यूटी को लेकर टार्चर किए जाने की शिकायत करता था। पिता ने बिलखते हुए बताया कि पंकज कहता था कि इससे अच्छा था 

आरपीएफ में नौकरी कर लेता। पंकज का बड़ा भाई दिल्ली पुलिस में है। पिता ने बताया कि पंकज फोन पर कहता था कि थाने वाले रोजाना शराब का धंधा करने वाले किसी व्यक्ति को पकड़कर लाने का दबाव बनाते थे। छुट्टी मांगने पर भी दबाव रहता था।पिता ने उनके आए बगैर शव को मोर्चरी भिजवाने पर भी गुस्सा जताया।

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