अमृतसर के सर्राफ मंजीत सिंह से बदमाश दो करोड़ का सोना लूटने आए थे। टांडा के व्यापारी मोनू वर्मा ने बदमाशों को यही सूचना दी थी। उसने बदमाशों को बताया था कि मंजीत सिंह के पास बीस लाख नगद और सात किलो सोना है। लेकिन सर्राफ के पास माल कम निकला।
सूचना गलत निकलने पर बदमाशों ने मोनू वर्मा को उसका हिस्सा भी नहीं दिया। शक के घेरे में आए मोनू को पुलिस ने उठाकर उससे पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी। इसके बाद पुलिस ने बदमाश आकिल टेड़ा और शहादत को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने इनके कब्जे से तीस लाख रुपये का सोना, लूट में इस्तेमाल बाइक और दो तमंचे बरामद भी किए हैं। जबकि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। लूट की सनसनीखेज वारदात का खुलासा एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन में किया। उन्होंने बताया कि सर्राफ से लूट का खुलासा करने के लिए भोजपुर एसओ रमेश शर्मा, एसओजी, सर्विलांस समेत पुलिस की टीमें लगाई थीं।
पुलिस ने टांडा में कई दिन तक लोगों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने शक के घेरे में आए सर्राफ मोनू वर्मा पुत्र उमेश वर्मा निवासी नबावपुरा थाना टांडा जनपद रामपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मोनू वर्मा की टांडा में मोनू ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। जबकि इसके पास में ही इसके भाई मोहित वर्मा की दुकान है।
पुलिस ने मोनू से पूछताछ की तो बताया कि उसने ही बदमाश सगीर पुत्र यासीन उर्फ बित्ती निवासी मो. काजीपुरा थाना टांडा (रामपुर) को फोन पर मंजीत सिंह के टांडा से मुरादाबाद रवाना होने की जानकारी दी थी। उसे बताया था कि सर्राफ के पास करीब दो करोड़ रुपये का माल मिलेगा।
इसके बाद सगीर ने आकिल उर्फ टेडा पुत्र अब्दुल सलाम निवासी मो. मनिहारान टांडा, रामपुर, शहादत पुत्र भूरे निवासी थांवला थाना बिलारी और कल्लन उर्फ साजिद पुत्र अब्दुल माजिद निवासी मो. हाजीपुरा थाना टांडा रामपुर को बुला लिया था।
इसके बाद इन्होंने सिरसवां दोराहे के पास बाजपुर रोड पर हड्डी मिल के पास मंजीत सिंह को लूट लिया था। पुलिस ने आकिल टेडा और शहादत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इनके कब्जे से तीस लाख रुपये का सोना बरामद कर लिया है। एसएसपी ने बताया आरोपी सगीर फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। जबकि एक आरोपी रामपुर में कोर्ट में सरेंडर किया जा रहा है।