उस समय तो मामला शांत हो गया। लेकिन शाम को रोहित ने अनिकेत के मामा को फोन कर गालियां दी थीं। आरोप है कि आठ फरवरी को रोहित का पिता चंद्रपाल अपने छोटे बेटे मोहित व कई अज्ञातों के साथ बाइकों से अनिकेत के घर भरतपुर पहुंचा था और जान से मारने की नियत से अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। जिससे अनिकेत व उसके परिजन बाल-बाल बच गए थे और कमरे में बंद होकर जान बचाई थी। आरोपी बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए फायरिंग करते हुए चले गए थे। कांठ पुलिस ने इस मामले में चंद्रपाल, रोहित, मोहित सहित कई अज्ञातों पर केस दर्ज किया था। वहीं फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए थे। तभी से आरोपी फरार चल रहे हैं। शुक्रवार को पुलिस ने इनमें से चंद्रपाल को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।