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मुरादाबाद की हवा हुई जहरीली: पांच साल में अबकी बार सबसे ज्यादा आतिशबाजी, एक्यूआई पहुंचा 600 पार

Sat, 02 Nov 2024 04:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

पीतलनगरी में दीपावली पर हुई भारी आतिशबाजी से हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक सीमा तक पहुंच गया। शहर के कई क्षेत्रों में एक्यूआई 600 के पार कर गया। यह बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है।
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मुरादाबाद में दीपावली में आतिशबाजी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीपावली के पर्व पर पीतलनगरी में रातभर हुई आतिशबाजी ने हवा में जहर घोल दिया। अबकी बार पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा आतिशबाजी हुई। इसके कारण पहली बार शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 600 के पार पहुंच गया।

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ट्रांसपोर्ट नगर में शुक्रवार की सुबह छह बजे एक्यूआई 626 मापा गया। हवा का यह स्तर सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण बृहस्पतिवार शाम से ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी थी। रात नौ बजे ही पूरे शहर में एक्यूआई का स्तर 300 पार कर गया था, जो रात बढ़ने के साथ ही और बढ़ता रहा।

शहर में नौ स्थानों पर एयर मॉनिटरिंग स्टेशन बनाए गए हैं। इसमें बुद्धि विहार, इको हर्बल पार्क, रोजगार कार्यालय, जिगर कॉलोनी, कांशीराम नगर, कोठीवाल नगर, लाजपत नगर, मोहसिने आजम कॉलोनी और ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं।
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प्रदूषण विभाग की वेबसाइट के मुताबिक शहर में बृहस्पतिवार की रात नौ बजे बुद्धि विहार, इको हर्बल पार्क, रोजगार कार्यालय, जिगर कॉलोनी और ट्रांसपोर्ट नगर का एक्यूआई स्तर 350 के पार पहुंच गया था, जबकि कांशीराम नगर, कोठीवाल नगर, लाजपत नगर और मोहसिने आजम कॉलोनी में एक्यूआई 300 से 350 के बीच रहा।

रात 12 बजे बुद्धि विहार और मोहसिने आजम कॉलोनी का एक्यूआई स्तर 500 के पार पहुंच गया। रोजगार कार्यालय, लाजपत नगर और ट्रांसपोर्ट नगर के इलाके को छोड़कर अन्य मोहल्ले का एक्यूआई स्तर पर भी 400 के आसपास रहा।

रात भर की आतिशबाजी के बाद अगली सुबह पूरे शहर की हवा में जहर घुला रहा। कांशीराम नगर में रात 12 बजे एक्यूआई का स्तर 576 तक पहुंच गया था। शुक्रवार की सुबह छह बजे ट्रांसपोर्ट नगर में एक्यूआई का स्तर 600 के पार मापा गया।

बुद्धि विहार, इको हर्बल पार्क, रोजगार कार्यालय, जिगर कॉलोनी, कांशीराम नगर, कोठीवाल नगर, लाजपत नगर, मोहसिने आजम कॉलोनी के स्टेशन पर भी एक्यूआई का स्तर 400 के पार मापा गया। दोपहर 12 बजे तक यही स्थिति बनी रही। हालांकि, शाम को हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ, लेकिन शुक्रवार की रात फिर हुई आतिशबाजी से स्थिति गंभीर होने लगी।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए बना खतरा

एक्यूआई का स्तर 100 से नीचे रहना ही सेहत के अच्छा माना जाता है। 100 से लेकर 300 तक का एक्यूआई खासतौर पर बच्चों व अस्थमा और दिल से जुड़े मरीजों व बुजुर्गों के लिए जोखिम भरा होता है, क्योंकि बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों की एम्युनिटी बेहद कमजोर होती है। एक्यूआई का स्तर 400 के पार होना सामान्य लोगों के लिए भी बेहद खतरनाक माना जाता है।

दीपावली के मौके पर पहले से अनुमान था कि एक्यूआई का स्तर बढ़ेगा। शहर में दीपावली के दिन का औसत एक्यूआई 250 से 270 के करीब ही रहा। हालांकि, शुक्रवार की दोपहर से एक्यूआई का स्तर फिर से सामान्य दिनों के जैसा ही हो गया, जो राहत की बात है। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी

एक्यूआई का स्तर और उसका असर

एक्यूआई               सेहत पर असर
1-50                    अच्छा
51-100               संतोषजनक
101- 150            थोड़ा प्रदूषित
151 - 200           खराब
201-300             बहुत खराब
301-500            गंभीर
501 से ज्यादा      बेहद गंभीर
(नोट - एक्यूआई का स्तर 500 व उससे ज्यादा पहुंचने पर हवा का स्तर बहुत खतरनाक हो जाता है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और उन्हें दिल व फेफड़े से जुड़ी बीमारियां होने की आशंका रहती है)

दीपावली पर पिछले पांच सालों में शहर का अधिकतम एक्यूआई

वर्ष        उच्चतम स्तर

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2020     409
2021     284
2022     303
2023     337
2024     626

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