दीपावली के पर्व पर पीतलनगरी में रातभर हुई आतिशबाजी ने हवा में जहर घोल दिया। अबकी बार पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा आतिशबाजी हुई। इसके कारण पहली बार शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 600 के पार पहुंच गया।
एक्यूआई का स्तर 100 से नीचे रहना ही सेहत के अच्छा माना जाता है। 100 से लेकर 300 तक का एक्यूआई खासतौर पर बच्चों व अस्थमा और दिल से जुड़े मरीजों व बुजुर्गों के लिए जोखिम भरा होता है, क्योंकि बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों की एम्युनिटी बेहद कमजोर होती है। एक्यूआई का स्तर 400 के पार होना सामान्य लोगों के लिए भी बेहद खतरनाक माना जाता है।
दीपावली के मौके पर पहले से अनुमान था कि एक्यूआई का स्तर बढ़ेगा। शहर में दीपावली के दिन का औसत एक्यूआई 250 से 270 के करीब ही रहा। हालांकि, शुक्रवार की दोपहर से एक्यूआई का स्तर फिर से सामान्य दिनों के जैसा ही हो गया, जो राहत की बात है। - आशुतोष चौहान, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
एक्यूआई सेहत पर असर
1-50 अच्छा
51-100 संतोषजनक
101- 150 थोड़ा प्रदूषित
151 - 200 खराब
201-300 बहुत खराब
301-500 गंभीर
501 से ज्यादा बेहद गंभीर
(नोट - एक्यूआई का स्तर 500 व उससे ज्यादा पहुंचने पर हवा का स्तर बहुत खतरनाक हो जाता है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है और उन्हें दिल व फेफड़े से जुड़ी बीमारियां होने की आशंका रहती है)
दीपावली पर पिछले पांच सालों में शहर का अधिकतम एक्यूआई
वर्ष उच्चतम स्तर