करीब दो दशक पहले पीएमएस स्कूल की बुनियाद रखने से लेकर उसे शिखर तक पहुंचाने वाले हरिओम अग्रवाल (डायरेक्टर) और उनकी पत्नी मंजू अग्रवाल (प्रिंसिपल) का नाता पीएमएस से पूरी तरह टूट गया है।
पति - पत्नी दोनों ने अपने - अपने पदों से इस्तीफे दे दिए हैं। हरिओम अग्रवाल ने खास तरह की परिस्थितियों को इस्तीफे की वजह बताया है। लेकिन ये परिस्थितियां क्या हैं, इस बारे में फिलहाल उन्होंने मुंह खोलने से साफ इंकार कर दिया है।
स्कूल के फाइनेंशियल ट्रस्टी मनोज आहूजा का कहना है कि हरिओम अग्रवाल तीन माह पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं लेकिन अभी ट्रस्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया है। पंडित मदन स्वरूप ट्रस्ट से संचालित हो रहे पीएमएस स्कूल की बुनियाद करीब दो दशक पहले हरिओम अग्रवाल ने ही रखी थी।
स्कूल खुलने के वक्त से ही उनकी पत्नी मंजू अग्रवाल स्कूल की प्रिंसिपल थीं। जबकि हरिओम अग्रवाल इसका प्रबंधन देखते थे। इस ट्रस्ट के ट्रस्टियों को लेकर बीच - बीच में खींचतान होती रही। जिसे लेकर कई मुकदमे विभिन्न न्यायालयों में भी चल रहे हैं। लेकिन करीब छह माह पहले अचानक मनोज आहूजा की पीएमएस ट्रस्ट में एंट्री हुई।
ट्रस्ट में आने के बाद उन्होंने तीन माह पहले खुद को फाइनेंशियल ट्रस्टी घोषित करके हरिओम अग्रवाल से पीएमएस की बागडोर छीन ली। उसी वक्त तस्वीर साफ हो गई थी कि अब हरिओम अग्रवाल पीएमएस से आउट हो जाएंगे।
लेकिन तब चर्चाओं के बीच मनोज - आहूजा और हरिओम अग्रवाल ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस करके पीएमएस में सब कुछ ठीक चलने का दावा किया था। लेकिन पीएमएस के अंदर चल रही कलह ज्यादा दिन तक पर्दे में नहीं रह सकी। अब हरिओम अग्रवाल और उनकी पत्नी ने इस्तीफा दे दिया है।