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Cricketer Piyush Chawla: अलविदा कह रहा हूं.. पर क्रिकेट मेरे भीतर जिंदा रहेगा, सोशल मीडिया पर लिखी भावुक पोस्ट

Sat, 07 Jun 2025 02:29 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो शिवम वर्मा, अमर उजाला मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद निवासी और टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर पीयूष चावला ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास ले लिया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के जरिए अपने दो दशक लंबे क्रिकेट सफर को अलविदा कहा। पीयूष ने 2007 और 2011 की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा बनने को अपने जीवन का वरदान बताया और आईपीएल की पंजाब, केकेआर, चेन्नई और मुंबई टीमों को दिल से धन्यवाद दिया।
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पीयूष चावला ने क्रिकेट से लिया संन्यास - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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मुरादाबाद के लाल पीयूष चावला ने आखिरकार क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने यह एलान सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट लिखकर किया। इंस्टाग्राम पर शेयर की गई पोस्ट में चावला ने अपने कॅरिअर के दो दशक की यादों, विश्वकप के लम्हों, कोचों, परिवार और आईपीएल के सफर को दिल से याद किया।

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अपनी पोस्ट की शुरुआत में चावला ने लिखा कि मैदान पर दो दशकों से ज्यादा वक्त बिताने के बाद, अब इस खूबसूरत खेल को अलविदा कहने का वक्त आ गया है। भारत का प्रतिनिधित्व करने से लेकर 2007 और 2011 में विश्वकप विजेता टीम का हिस्सा बनने तक, इस अविश्वसनीय सफर का हर पल मेरे लिए एक वरदान रहा है।

यह यादें हमेशा मेरे दिल में बसी रहेंगी। इसके बाद उन्होंने आईपीएल की टीमों का दिल से आभार किया। लिखा कि पंजाब किंग्स, केकेआर, चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के साथ कॅरिअर का बेहद खास अध्याय जुड़ा है। इसमें उन्होंने हर पल को पूरे दिल से जिया है।

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पीयूष ने अपने संन्यास के एलान में पिता और कोच को भी याद किया। कहा उनका परिवार हर उतार-चढ़ाव में उनके साथ रहा है। विशेष रूप से उनके स्व. पिता। अपने पिता के बारे में पीयूष ने लिखा कि उन्होंने रास्ता दिखाया, उनके बिना यह सफर संभव नहीं था।

कोच केके गौतम और स्व. पंकज सारस्वत का भी पीयूष ने विशेष धन्यवाद किया। कहा कि उन्होंने मुझे संवारने और एक क्रिकेटर के रूप में ढालने में अहम भूमिका निभाई है। पीयूष ने बीसीसीआई, यूपीसीए और गुजरात क्रिकेट संघ का भी विशेष आभार जताया।

अंत में उन्होंने लिखा कि भले ही मैं पिच से दूर हो जाऊं, लेकिन क्रिकेट हमेशा मेरे भीतर जिंदा रहेगा। यह दिन उनके लिए बेहद भावुक है, क्योंकि मैं आधिकारिक रूप से क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा करता हूं।

अगर पीयूष कर सकते हैं तो तुम भी कर सकते हो
दिग्गज स्पिनर पीयूष चावला ने संन्यास के एलान के बाद अमर उजला से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने नई पीढ़ी के क्रिकेटरों को एक खास संदेश दिया है। पीयूष ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अगर पीयूष कर सकते हैं तो तुम भी कर सकते हो।

वह अपने जुनून और मेहनत से यहां तक पहुंचे हैं। यही जुनून और मेहनत आपको भी आपकी मंजिल तक पहुंचा सकती है। इसके लिए बुनियादी शर्त इतनी सी है कि खेल के प्रति लगाव रखो, मेहनत करो तो कामयाबी जरूर मिलेगी।

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उन्होंने आगे कहा कि क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जुनून है। अगर आप इसमें अपना सौ प्रतिशत देते हैं और अनुशासन के साथ अभ्यास करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। पीयूष ने यह भी बताया कि 2014 के आईपीएल फाइनल में उनकी छोटी, लेकिन निर्णायक पारी उनके जुनून का प्रतीक था।

पीयूष का यह संदेश उन युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणादायक है, जो अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपने कॅरिअर में उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन मेरे खेल के प्रति प्यार ने मुझे हमेशा आगे बढ़ाया। यही बात मैं आज के बच्चों को बताना चाहता हूं।

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