रेलवे की चिंता बढ़ा रहे यात्रियों ने ही रेलवे को राहत दी है। यात्रियाें की संख्या में गिरावट के बाद सितंबर में यात्रियाें की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल की तुलना में सितंबर में तीन लाख अधिक लोगों ने यात्रा की। इसके पीछे लगातार चलाए जा रहे टिकट चेकिंग अभियान को बताया जा रहा है।
वर्ष 2015 में साल की शुरुआत से ही यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। जिसको लेकर रेलवे बोर्ड तक में हड़कंप मचा हुआ था। हालांकि ट्रेनों में भीड़ कम नहीं हो रही है। माना गया कि टिकट खरीदने वालों की संख्या घट रही है। इसे रोकने के लिए लगातार चेकिंग अभियान चलाने की निर्देश दिए।
टिकट निरीक्षकों के साथ ही अधिकारियों को भी लगाया गया, जिसका असर भी दिखाई दिया। सितंबर में यात्रियों की संख्या बढ़ी। अगस्त के मुकाबले अधिक यात्रियों ने यात्रा तो की ही, वहीं पिछले साल सितंबर के तुलना में भी यात्रियों की संख्या अधिक रही।
सीनियर डीसीएम पुष्प राज ने बताया कि पिछले साल सितंबर में मंडल में 70 लाख यात्रियों ने सफर किया। जबकि इस साल सितंबर में यात्रियों की संख्या 73 लाख दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि साल की शुुरुआत से ही पिछले की साल की तुलना में गिरावट दर्ज की हुई थी। जबकि यात्रियों की संख्या बढ़नी चाहिए। अभी दो महीने स्थिति ऐसी ही रहेगी। जिससे कुछ राहत मिली है।