पाकबड़ा। एमडीए के सेक्टर 12 स्थित पीपल का पुराना पेड़ काटने के मामले में लोगों को गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मंगूपुरा गांव के लोगों ने कहा कि पीपल का पेड़ काटकर उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है।
एमडीए ने सेक्टर 12 स्थित पीपल का हरा पेड़ शुक्रवार को कटवा दिया। यह पेड़ मंगूपुरा निवासी किसान इनयात हुसैन के परिवार की सौ मीटर जमीन में मौजूद था। नया मुरादाबाद योजना के लिए जब जमीन का अधिग्रहण शुरू हुआ तो मुस्लिम परिवार ने इस सौ मीटर जमीन का मुआवजा यह कहते हुए लेने से इंकार कर दिया था कि यह हिंदू धर्म के पूजा पाठ में आने वाली जमीन है। यह जमीन गांव के लोगों की आस्था को देखते हुए पूजा पाठ करने करने के लिए छोड़ दी गई थी। आज भी सरकारी अभिलेखों में इसी मुस्लिम परिवार के नाम पर दर्ज है। पीपल का हरा पेड़ काटने से मंगूपुरा गांव के लोगों में काफी गुस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया की सरकारी अफसरों ने मनमानी कर बिना किसी का पक्ष सुने उनकी धार्मिक आस्था के खिलवाड़ किया है। ग्राम प्रधान प्रेमचंद्र सिंह ने बताया कि जब गांव की जमीन का अधिग्रहण हुआ था तो तत्कालीन एमडीए उपाध्यक्ष ने सौ मीटर जमीन पीपल पेड़ शनिदेव धर्म स्थल के नाम पर छोड़ दी थी। एमडीए के आने से पहले भी इस स्थल पर पूजा होती थी। आरोप लगाया कि बिजली के तार को दिखाकर वन विभाग से परमिशन ली गई है लेकिन यहां आसपास बिजली का कोई तार नही है। बिना अधिग्रहण किए धर्म स्थल पर कब्जा लिया गया है। हमारे गांव के मुस्लिम समाज के लोग गांव में मंदिर के लिए जगह देने को तैयार है। हमारी आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है।
पूर्व ग्राम प्रधान जगदीश ने बताया कि पीपल के पेड़ की जमीन को अधिग्रहण से मुक्त रखा गया है। पूजा स्थल पर कब्जा करके हमारी आस्था पर ठेस पहुंचाई गई है। जमीन के स्वामी इनयात हुसैन ने बताया कि उनके परिवार की यह जमीन थी। उनका यहां पर खेत था। इस जमीन में सौ मीटर आज भी उनके और उनके परिवार के नाम में है। गांव के रहने वाले सत्यवीर सिंह ने बताया कि लगातार प्रशासन हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहा है। आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।