मोबाइल में एक्सरे दिखाता तीमारदार
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मुरादाबाद के जिला अस्पताल में एक्स-रे प्लेट न होने के कारण मरीजों को अपनी एक्स-रे रिपोर्ट के फोटो मोबाइल में खींचने पड़ रहे हैं। जिन मरीजों के पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। रोजाना इस बात को लेकर रेडियोलॉजी विभाग में मरीजों व तीमारदारों का स्टाफ से झगड़ा होता है।
शुक्रवार को भी रोज की तरह करीब 150 मरीज एक्स-रे कराने पहुंचे। 25 से ज्यादा लोगों को रिपोर्ट नहीं मिली, क्योंकि उनके पास मोबाइल नहीं था। ज्यादा कहासुनी हुई तो स्टाफ ने कहा कि कल आकर रिपोर्ट ले जाना। जिला अस्पताल प्रबंधन प्रदेश मुख्यालय को एक्स-रे प्लेट की किल्लत का मामला बता चुका है।
इसके बावजूद कई सप्ताह से किल्लत बरकरार है। तापमान घटने के कारण सीओपीडी, दमा, एलर्जी के मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। इसलिए अस्पताल में एक्स-रे कराने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। एक्स-रे रिपोर्ट को लेकर हर दिन झगड़े बढ़ते जा रहे हैं, जिला अस्पताल प्रबंधक कुछ नहीं कर पा रहा है।
वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट मानते हैं कि मोबाइल में कई बार बारीकी से चीजें नहीं देखी जा सकती हैं। इससे मरीज को सही इलाज नहीं मिल पाता। एक्स-रे प्लेट पर रिपोर्ट को गौर से देखकर ही डॉक्टर रोग की पहचान कर सकते हैं।
मोबाइल में जूम करने के बावजूद कई बिंदु नहीं दिख पाते, कैमरा की गुणवत्ता भी इसे प्रभावित करती है। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि प्रदेश के कई अस्पतालों में एक्स-रे प्लेट की किल्लत है।
एक्स-रे प्लेट की किल्लत का मामला जानकारी में है। मजबूरी है कि सबको प्लेट पर रिपोर्ट नहीं दी जा सकती। जिन मरीजों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, उन्हें प्लेट पर रिपोर्ट दी जा रही है। हम इस स्थिति से निपटने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी है।
- डॉ. संगीता गुप्ता, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक