मुरादाबाद। वजीफा घोटाले में मुरादाबाद की जिन तीन संस्थाओं का नाम अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय की जांच रिपोर्ट में है उनके भुगतान पर महकमे की ओर से रोक लगाई जा चुकी है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अंजना सिरोही का कहना है कि निदेशालय की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने बैंकों को चिट्ठी भेजकर इन तीनों संस्थाओं से संबंधित सभी छात्रों के वजीफा बैंक खातों से रकम निकालने पर रोक लगा दी थी। उनका दावा है कि इसके बाद से इन तीनों संस्थाओं का एक भी वजीफा आवेदन अग्रसारित नहीं किया गया है।
मंडल के बाकी दो जिलों में एफआईआर होने के बावजूद मुरादाबाद में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराने की बाबत अंजना सिरोही का कहना है कि उन्हें भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश मिले थे लेकिन जब उन्होंने जांच कराई तो इन संस्थाओं की मान्यता की पुष्टि डीआईओएस कार्यालय से हो गई। जिसकी वजह से उन्होंने इसकी एफआईआर नहीं कराई। उनका कहना है कि तीनों संस्थाओं की ओर से आए छात्रवृत्ति के 166 आवेदनों में से कुछ पर तब तक भुगतान आ चुका था। जिसे उन्होंने तुरंत रुकवा दिया था। इसके बाद से तीनों संस्थाओं को ब्लैक लिस्ट करके इनके एक भी आवेदन का अग्रसारित नहीं किया गया है। हालांकि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने दावा किया है कि तीनों संस्थाओं की मान्यता सही थी। इंस्पेक्टर को भेजकर फील्ड में जांच भी कराई गई थी, जिसके दस्तावेज फाइल में दर्ज हैं। छात्रवृत्ति घोटाले में अमरोहा और संभल में तीन - तीन एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं जबकि मुरादाबाद में अभी रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि पूरा डाटा समाज कल्याण विभाग से लिया गया था। उनके पूर्व अधिकारी के समय में संस्था जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकृत हुई थी। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की ओर से अभी भी इन संस्थाओं को छात्रवृत्ति दी जा रही है।