हजयात्रा के लिए इस बार बीते पांच सालों में देश में सबसे कम आवेदन किए गए हैं। इस बार देशभर से हजयात्रा के लिए सिर्फ 2,67,261 आवेदन फॉर्म भरे गए। जो पिछले साल की तुलना में 88,343 आवेदन कम है। वहीं, वर्ष 2017 की तुलना में ये कमी पौन दो लाख से अधिक है। यूपी से भी इस बार पांच साल में सबसे कम आवेदन हुए हैं।
हर मुसलमान की एक ख्वाहिश होती है कि वह जिंदगी में एक बार खाना-ए-काबा की जियारत और हज करें। हज के लिए सऊदी हुकूमत ने हर देश का कोटा तय कर रखा है। इसके मुताबिक ही वहां के मुसलमानों को हज करने का मौका मिलता है। हिंदुस्तान के हर सूबे से हजयात्रा के लिए आवेदन किए जाते हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार भी कोटे में कोई कमी नहीं की गई है।
मुरादाबाद के हज ट्रेनर हाजी मुख्तार असलम ने बताया कि हज कमेटी इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक देशभर से हजयात्रा 2019 के लिए 2,67,261 आवेदन ही आए हैं। जबकि कोटा 1,25,025 हजयात्रियों का है। ये आवेदन पिछले साल की तुलना में 88,343 आवेदन कम है। आवेदन कम होने की एक वजह लगातार बढ़ रहा हजयात्रा का किराया भी है।
देश के पांच साल के हज आवेदन के आंकड़े
वर्ष--------आवेदन------कोटा
2015-----3,83,146---94,000
2016-----4,05,187---98,820
2017-----4,48,268---1,23,700
2018-----3,55,604---1,25,025
2019-----2,67,261---1,25,025
यूपी में कोटे से 4160 आवेदन अधिक
अमरोहा। पांच साल की तुलना में यूपी में भी हजयात्रा आवेदन में कमी आई है। यहां भी पांच साल में इस बार सबसे अधिक आवेदन किए गए। सूबे से कोटे से महज 4160 आवेदन अधिक किए गए हैं। इस बार यूपी से 34,397 आवेदन फार्म भरे गए। जबकि कोटा 30,237 है।
यूपी के पांच साल के हज आवेदन के आंकड़े
वर्ष-------आवेदन------कोटा
2015-----41,705---19,686
2016-----48,708---21,828
2017-----51,375---29,017
2018-----42,914---29,851
2019-----34,397---30,237
पांच साल में बढ़ा 53,400 और 41,150 रुपये किराया
पिछले पांच साल में हजयात्रा के किराये में 53,400 और 41,150 रुपये की वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 में ग्रीन कैटेगरी का किराया 1,92,000 रुपये और अजीजिया कैटेगरी का 1,62,000 रुपये था। जो वर्ष 2018 में बढ़कर 2,69,000 रुपये और 2,24,000 रुपये हो गया। वर्ष 2018 के हजयात्रा में सबसे अधिक किराया बढ़ाया गया। ग्रीन कैटेगरी के किराए में 32,050 रुपये और अजीजिया कैटेगरी में 20,500 रुपये की वृद्धि की गई।