मुरादाबाद। समाज को भयमुक्त करने का संकल्प लेकर उप्र पुलिस में रविवार को 299 उप निरीक्षक शामिल हो गए। इस भव्य पासिंग आउट परेड में सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल हुए और परेड की सलामी ली। इस अवसर पर बिजनौर के कैडेट हरजीत सिंह को सर्वांग सर्र्वोत्तम, मिर्जापुर के सुनील कुमार मिश्र को इंडोर में बेहतर प्रदर्शन करने में प्रथम ओर गोरखपुर के संदीप यादव को आउट डोर प्रशिक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने पर प्रथम चुना गया है।
रविवार को मुरादाबाद स्थित डॉॅॅ. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी के मैदान में उप निरीक्षक नागरिक बैच 2018 की पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ। फुल यूनिफार्म पहने 299 उप निरीक्षक कैडेट्स ने इसमें भाग लिया। बतौर मुख्य अतिथि सामने मंच पर सीएम योगी आदित्य नाथ मौजूद रहे तो साथ में डीजीपी ओपी सिंह की उपस्थिति भी रही। सीएम ने परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद उप निरीक्षकों ने सलामी दी। इस दौरान भिन्न भिन्न रंगों की टोलियाें में कैडेट्स की एक जैसी कदम ताल देखते ही बनी। वहां पर मौजूद प्रत्येक व्यक्ति ने तालियाें से उनकी हौसला अफजाई की। कैडेट्स के परिवार वालों ने वर्दी में अपनों को पासिंग आउट परेड करते देखा तो उनकी आंखों में खुशी की आंसू छलक पडे़। इस अवसर पर अकादमी के निदेशक राजीव कृष्ण ने उप निरीक्षकों को कर्तव्य एवं सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। सीएम ने प्रशिक्षण के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले उप निरीक्षकों को मेडल प्रदान किए। डीजी पुलिस प्रशिक्षण सुजान वीर सिंह ने बताया कि पिछले ढाई साल में पुलिस प्रशिक्षण में काफी बदलाव हुआ है। पुलिसकर्मियों को अब एडवांस प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
परेड संपन्न होते ही सभी उप निरीक्षकों ने मैदान पर मौजूद परिवार वालों, दोस्तों से मिलकर अपनी अपनी खुशी का जबरदस्त तरीके से इजहार किया। 299 उप निरीक्षकों में से 21 को छोड़कर बाकी सभी मृतक आश्रित कोटे से भर्ती हैं। सबने वर्दी पहनकर अपना और परिवार का सपना पूरा किया है। इस मौके पर एडीजी बरेली अविनाश चंद्र, आईजी रमित शर्मा, डीआईजी पुलिस अकादमी पूनम श्रीवास्तव, एसएसपी अमित पाठक, एसपी यातायात सतीश चंद्र सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बेहतर प्रशिक्षण ने खत्म किया यूपी में भय का माहौल: ओपी सिंह
मुरादाबाद। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। पाठयक्रम अपडेट किया गया है। 15-20 साल में प्रशिक्षण को ऐसी दिशा नहीं दी गई, इस वजह से अपराध दिन प्रतिदिन बढ़ रहा था। भय का माहौल था। इस साल पिछले साल की अपेक्षा डकैती, लूट, हत्या, बलवा, दहेज मृत्यु, अपहरण, दुष्कर्म के मामलों में कमी आई है। प्रदेश में ढाई साल के अंदर अपराध घटे हैं। शिकायत पर घटनास्थल पर पहुंचने में पुलिस का रिस्पांस टाइम 23 मिनट से दस मिनट किया गया है जबकि अब उसे आठ मिनट करने की तैयारी है। सीएम के निर्देश पर फुट पेट्रोलिंग पर जोर दिया जा रहा है। पॉक्सो अधिनियम के तहत प्रदेश में पहली बार औरेया जनपद में 29 और 37 दिन में आजीवन कारावास और आर्थिक दिवस, रायबरेली में आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित करवाया गया है। ऐसा उत्तर प्रदेश में पहले कभी नहीं हुआ है। तीन तलाक, सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक माहौल खराब करने पर कठोर कार्रवाई। प्रदेश में पांच हजार पुलिस मुठभेड़ हुई, जिसमें पांच पुलिसकर्मी शहीद हुए और 786 पुलिसकर्मी जख्मी हुए हैं। एंटी रोमियो स्क्वाड ने 24 लाख जगह चेकिंग की और 70 लाख लोगों चिह्नित कर उनको चेतावनी दी है। भ्रष्टाचार के मामलों में कमी आई है, 382 अराजपत्रित, पांच राजपत्रित अधिकारियों को जबरन रिटायर किया गया है। अन्य लोग की भी जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।