मुरादाबाद। गिरते तापमान और पार्टियों की आइसक्रीम ने बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी हर दिन चार बच्चे वायरल व खांसी, जुकाम व ब्रोंकियोलाइटिस वाले भर्ती हो रहे हैं। जुकाम से बच्चों की नाक लाल है। औसतन 180 की ओपीडी में लगभग 90 मरीज एलर्जिक इनफेक्शन के हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को गुनगुना पानी पिलाएं और गर्म कपड़े पहनाना शुरू करें। रविवार को जिला अस्पताल में ऐसे चार बच्चे भर्ती किए गए हैं जिन्हें सांस लेने में दिक्कत है और सांस की नली पर सूजन आ गई है। भर्ती करने के बाद हर तीन घंटे पर बच्चों को नेबुलाइजर दिया जा रहा है। शादियों के सीजन में पार्टी में आइसक्रीम खाने से बच्चों का गला खराब हो रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अवनीश कुमार सिंह के मुताबिक ओपीडी में 80-90 बच्चे एलर्जिक इनफेक्शन वाले, 14-15 ब्रोंकियोलाइटिस से पीड़ित और औसतन चार मरीज अस्थमा की परेशानी लेकर आ रहे हैं। शनिवार को भी ओपीडी में यही स्थिति थी। कई माता-पिता को भ्रम है कि भ्रम है कि बच्चों को निमोनिया हो गया है लेकिन यह वायरल व एलर्जिक इनफेक्शन है। ज्यादातर बच्चे इनहेलर, नेबुलाइजर व दवाओं से ठीक हो जा रहे हैं। बहुत कम मरीजों को ही इंजेक्शन देने पड़ रहे हैं। हालांकि ठंड बढ़ने के साथ दिक्कत बढ़ सकती है इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
चेस्ट फिजिशियन डॉ. एके वर्मा का कहना है कि सांस के मरीजों की दिक्कत अचानक बढ़ गई है। ओपीडी में कई ऐसे मरीज आ रहे हैं जिन्हें इंजेक्टेबल देना पड़ा है। ज्यादातर मामले बच्चों और बुजुर्गों के हैं, जिनमें ब्रोंकाइटिस और अस्थमा के लक्षण प्रमुख हैं। हवा के साथ आने वाली धूल और एलर्जी कारक समस्या को बढ़ावा दे रहे हैं। डॉक्टरों ने मरीजों को मास्क पहनने, घर पर ही व्यायाम करने और दवाओं का नियमित सेवन करने की सलाह दी है।
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क्या है ब्रोंकियोलाइटिस
ब्रोंकियोलाइटिस बच्चों के फेफड़ों में स्थित छोटे वायुमार्गों (ब्रोंकियोल्स) का संक्रमण है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र कुमार के मुताबिक यह मार्ग बलगम से भर जाते हैं और सूज जाते हैं। ब्रोंकियोलाइटिस आमतौर पर एक वायरल संक्रमण के कारण होता है जो अक्सर रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (आरएसवी) के कारण होता है। ब्रोंकियोलाइटिस जीवन के पहले वर्ष में शिशुओं के अस्पताल में भर्ती होने का सबसे आम कारण है।
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ब्रोंकियोलाइटिस के लक्षण
- कई दिन तक सूखी खांसी
- बाद में यह खांसी पीले रंग के बलगम के साथ आती है
- खांसते समय उबकाई या उल्टी आना
- छाती में दर्द या जकड़न
- सांस लेने में कठिनाई
- सिरदर्द
- हल्का शरीर दर्द
- बच्चे को लगातार बुखार रहना
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बच्चों में एलर्जिक इनफेक्शन व ब्रोंकियोलाइटिस के मामले आ रहे हैं। एक या डेढ़ साल से अधिक के बच्चों को अंडे का छोटा-छोटा हिस्सा खिलाएं। गुनगुना पानी पिलाएं। पार्टी में जाएं तो दही, रायता, कोल्डड्रिंक या आइसक्रीम न लें। बच्चों को घर का बना सामान्य व ताजा खाना खिलाएं।
- डॉ. अवनीश कुमार सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ