सिविल लाइंस की परंपरा सोसायटी में केमिकल कारोबारी दया किशन रस्तोगी की मां प्रमोद रस्तोगी की हत्या करने वाले नौकर सचिन सक्सेना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि प्रमोद रस्तोगी नींद में थी। आरोपी ने उनके कंगन उतारने की कोशिश की। इसी दौरान वह जाग गई और विरोध करने लगी।
इसी दौरान उसे हॉकी से सिर में हमला कर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने जेवर लूट लिए थे। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि रामगंगा विहार की सोसायटी परंपरा में कारोबारी दया किशन रस्तोगी का दो मंजिला मकान है। उनकी बेटी ज्योतिका रस्तोगी पुणे में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है।
पांच मई की सुबह कारोबारी अपनी पत्नी रेखा, बेटे ईशान के साथ बेटी के पास गए थे। घर में 75 वर्षीय मां प्रमोद रस्तोगी की देखभाल के लिए कोतवाली के चौमुखापुल निवासी नौकर सचिन सक्सेना और सिविल लाइंस के हिमगिरी हरथला निवासी नौकरानी अनीता को छोड़कर गए थे। आठ मई को उन्हें पुणे से लौटना था।
आठ मई की दोपहर करीब दो बजे नौकर सचिन रस्तोगी प्रमोद रस्तोगी की हत्या कर उनके जेवर लूटकर भाग गया था। बृहस्पतिवार को पुलिस ने सचिन को दबोच लिया। उसने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन नौकरानी अनीता ऊपरी मंजिल पर सफाई कर रही थी। कारोबारी की मां नीचे ही अपने कमरे में सो रही थीं।
उसे नशा करने के लिए पैसों की जरूरत थी। इस लिए उसने प्रमोद रस्तोगी के कंगन उतारने की कोशिश की। इसी दौरान वह जाग गईं और विरोध करने लगीं। उन्होंने अपने बेटे को फोन पर शिकायत करने की धमकी दी। इसी दौरान उसने पास में रखी हॉकी उठाकर उनके सिर में मार दी थी। जिससे उनकी मौत हो गई।
इसके बाद उनके सोने के कगन, सोने की चेन, सोने की अंगूठी और चांदी की रिंग, मोबाइल लूट लिया था। इसके बाद उसने रसोई में जाकर खून से सने अपने कपड़े थैली में रख लिए और दूसरे कपड़े पहन लिए थे। इसके बाद उसने रसोई में सोने का नाटक किया था। नौकरी नीचे आई और शोर मचाया तो वहां से भाग गया था। बृहस्पतिवार शाम पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।