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Moradabad News: थ्योरी में ढेर हुए प्रैक्टिकल के शेर

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मुरादाबाद। मंडल के निजी कॉलेजों ने एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के प्रैक्टिकल के अंकों में बड़ा खेल कर दिया। रुहेलखंड विश्वविद्यालय की लापरवाही का फायदा उठाते हुए निजी काॅलेजों ने करीब 16 हजार विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल में 100 फीसदी अंक दे दिए। दिलचस्प यह है कि प्रैक्टिकल में 100 फीसदी अंक पाने वाले सैकड़ों विद्यार्थी थ्योरी में 50 फीसदी अंक भी हासिल नहीं कर सके। मामले का खुलासा हाेने के बाद भी विवि की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
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जनवरी-फरवरी माह में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर के प्रैक्टिकल नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पहली बार 30 अंक के हुए थे। इसमें प्रस्तुतीकरण, डायरी बनाना और वाइवा आदि के आधार पर अंक दिए जाने थे। इसके लिए एक नियमावली बनाई गई थी कि निजी कॉलेजों में प्रैक्टिकल विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक की निगरानी में होंगे। हालांकि, विश्वविद्यालय ने लापरवाही की और कॉलेजों के लिए पर्यवेक्षक ही नियुक्त नहीं किए। इसका फायदा उठाते हुए कॉलेजों ने अपने स्तर से ही प्रैक्टिकल के अंक पोर्टल पर चढ़ा दिए। इसके कारण मंडल में करीब 16 हजार विद्यार्थियों को सौ फीसदी अंक मिल गए।
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80 फीसदी से अधिक अंक मिलने पर मांगा जाता है विवरण
विश्वविद्यालय का नियम है कि यदि किसी विद्यार्थी को प्रैक्टिकल में 80 फीसदी से अधिक अंक मिलते हैं तो उसकी उत्तर पुस्तिका को कॉलेज में सुरक्षित रखा जाएगा और उसका विवरण विश्वविद्यालय द्वारा मांगे जाने पर उपलब्ध कराना होगा। जांच के बाद यदि अंक देने में लापरवाही की बात सामने आती है तो परीक्षक को निलंबित करने से लेकर कॉलेज की मान्यता समाप्त करने तक की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, अभी तक विश्वविद्यालय ने उत्तर पुस्तिकाओं की मांग भी नहीं की है।
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मनमानी की पोल खोल रहे थ्योरी के अंक
निजी काॅलेजों के छात्रों के थ्योरी के अंक प्रैक्टिकल में अंक देने में हुई मनमानी की पोल खोल रहे हैं। एक काॅलेज के छात्र को लॉ ऑफ टोर्ट्स पेपर में प्रैक्टिकल में 30 में से 30 अंक मिले, जबकि थ्योरी में उसे 70 में से सिर्फ 29 अंक ही मिले। इसी तरह एक छात्र को प्रैक्टिकल के तीन पेपर में 30 में से 30 अंक मिले। इसी छात्र को भारतीय न्याय संहिता के पेपर में थ्योरी में 70 में से सिर्फ 23 अंक मिले यानी 40 फीसदी से भी कम। वहीं एक छात्र को प्रैक्टिकल में सभी पांच पेपर में 30 में से 30 अंक मिले, जबकि थ्योरी में क्रमश: कांस्टीट्यूशनल लॉ-1 पेपर में 70 में से 41, लॉ ऑफ कांट्रेक्ट पेपर में 70 में से 39, हिंदू लॉ पेपर में 70 में से 23, भारतीय न्याय संहिता पेपर में 70 में से 45, लॉ ऑफ टोर्ट्स पेपर में 70 में से 29 अंक मिले हैं। ऐसा ही हाल प्रैक्टिकल में 100 फीसदी अंक पाने वाले सैकड़ों छात्रों का है।


वर्जन...
प्रकरण की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय इसकी जांच कर रहा है। नियमों का दुरुपयोग करने वाले काॅलेजों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. अमित सिंह, मीडिया प्रभारी, एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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