ठाकुरद्वारा। गांव राईभूड़ में सोमवार को फिर उसी स्थान पर तेंदुआ दिखाई दिया, जहां रविवार को तेंदुए के हमले से मंजू गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बताए गए स्थान पर उसकी तलाश की। रेंजर रवि कुमार गंगवार के अनुसार तेंदुआ वहां नहीं मिला। ग्रामीण तेंदुए को पकड़ने के लिए वहां पिंजरा लगाने की मांग कर रहे हैं।
उधर घायल मंजू की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है उसे जिला अस्पताल से टीएमयू अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। जो बेहोशी की हालत में आईसीयू में भर्ती है। मंजू के पिता अमर सिंह सैनी ने बताया कि जिला अस्पताल से मंजू काे टीएमयू में शिफ्ट किया गया है। जहां वह आईसीयू में भर्ती है। बेहोश है। अमर सिंह ने बताया कि रविवार को हुई घटना के समय वह बैलगाड़ी जोड़ने चले गए थे। मंजू के पास उसकी मां मुन्नी देवी थी। तेंदुए के हमला करने पर मां-बेटी ने उसका दरांती से मुकाबला कर बचाव किया था। फिर आसपास खेतों में काम कर रहे लोग भी वहां आ गए थे।
अमर सिंह का कहना है कि सोमवार को वन विभाग या प्रशासन का कोई भी अधिकारी मंजू की खबर लेने नहीं आया। कोई आर्थिक सहायता भी अभी तक नहीं मिली है। जबकि वन विभाग के रेंजर का कहना है कि वन विभाग ने अपने पास से रविवार को अमर सिंह को 5000 रुपये की सहायता दी थी। उनका कहना है कि सरकार की ओर से एक लाख रुपये की मदद तेंदुए के हमले में घायल को दी जाती है। अमर सिंह द्वारा आवश्यक कागज उपलब्ध कराने पर उन्हें यह सहायता धनराशि दिलाई जाएगी। रेंजर का कहना है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए गांव में शीघ्र पिंजरा लगाया जाएगा।
लौंगी खुर्द में पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ मेडिकल जांच में पाया गया स्वस्थ
ठाकुरद्वारा। गांव लौंगी खुर्द में श्मशान के पास लगे पिंजरे में रविवार को तेंदुआ कैद हुआ था। तेंदुए की सोमवार को हुई मेडिकल जांच में वह स्वस्थ पाया गया। वन विभाग के रेंजर रवि कुमार गंगवार ने बताया कि लखनऊ से तेंदुए को छोड़ने के आदेश का इंतजार है। लखनऊ से आदेश मिलने पर उसे बताए गए जंगल में छोड़ा जाएगा। फिलहाल तेंदुआ वन विभाग की जलालपुर नर्सरी में पिंजरे में सुरक्षित है। उसे समय से मीट और पानी दिया जा रहा है। संवाद