हाजी रिजवान ने कहा कि उन्हें संभल सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, जिसको उन्होंने ठुकरा दिया। विधायक ने कहा कि बीते 25 साल से अपने परिवार के साथ जनता के बीच रहकर सुख-दुख को बांटते चले आ रहे हैं, इसलिए उनको कुंदरकी की जनता चाहती है।
25 साल से समाजवादी पार्टी में रहकर तीन बार विधायक बने हाजी रिजवान का इस बार कुंदरकी सीट से टिकट कटने पर उनका दर्द छलका है। विधायक ने कहा कि मेरी पीठ में छुरा घोंपा गया है। उन्होंने चुनाव लड़ने का एलान किया है।
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फोन पर बातचीत में कुंदरकी विधायक हाजी रिजवान ने कहा कि उन्हें संभल सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव मिला था, जिसको उन्होंने ठुकरा दिया। विधायक ने कहा कि बीते 25 साल से अपने परिवार के साथ जनता के बीच रहकर सुख-दुख को बांटते चले आ रहे हैं, इसलिए उनको कुंदरकी की जनता चाहती है।
सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क का अपने पौत्र जियाउर्रहमान बर्क के लिए संभल सीट से टिकट की मांग करना तो दिखावा था, उनका असली निशाना तो कुंदरकी सीट पर ही था। सांसद डॉ. बर्क ने कुंदरकी में कोई कारनामा नहीं
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किया है। संभल से आकर झांकते तक नहीं हैं। ऐसे हालत में जनता उनको वोट कैसे देगी। वह विधानसभा चुनाव में कुंदरकी सीट से मैदान में उतरेंगे।
शनिवार को अपने समर्थकों के साथ बैठक करेंगे, जिसमें निर्णय होगा, किसी अन्य राजनैतिक दल से लड़ा जाए या फिर आजाद प्रत्याशी के रूप में ही चुनावी मैदान में उतरा जाए।