कांठ। तीन दिनों तक लगातार बारिश और तेज हवा के दौरान तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक धान की फसल को नुकसान हुआ है। खेतों में खड़ी धान की फसलें बिछ गई हैं। किसानों का कहना है कि जो धान बारिश या हवा में गिर जाता है, उसका दाना भी काला पड़ जाता है और उस फसल को चूहे भी नुकसान पहुंचाते हैं। बारिश से हुए धान की फसल के सबसे अधिक नुकसान को लेकर किसान चिंतित हैं।
इधर, गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। एसडीएम स्निग्धा चतुर्वेदी के निर्देश पर राजस्व टीमें खेतों में पहुंचकर फसल का सर्वे कर रही हैं। तहसील प्रशासन के अनुसार कांठ क्षेत्र में अब तक 270 से अधिक किसानों की फसलों का सर्वे किया जा चुका है। प्रशासन की ओर से उन किसानों को क्षति का मुआयना दिया जाएगा, जिसकी फसल 33 प्रतिशत या उससे अधिक खराब हुई है। राजस्व टीमों ने फसलों की सर्वे का कार्य मंगलवार को भी किया। एसडीएम ने बताया कि उन किसानों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनकी फसल बारिश और तेज हवा के कारण 33 या उसे अधिक प्रतिशत खराब हुई है।