मुरादाबाद। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद ने मेटलवेयर उत्पादों की पैकेजिंग से जुड़ी चुनौतियों, सुरक्षित परिवहन और बाजार में आकर्षकता पर बल दिया गया। बताया कि उत्पाद ग्राहकों के मन में स्थायी प्रभाव छोड़ने वाला और अंतराष्ट्रीय मानकों के लिए अनुरूप होना चाहिए।
ईपीसीएच ने 'मेटलवेयर उत्पादों की इनोवेटिव पैकेजिंग' पर एक कार्यशाला का आयोजन दिल्ली रोड स्थित एक होटल में किया। इस दौरान मेटलवेयर उत्पादों की पैकेजिंग से जुड़ी अनूठी चुनौतियों का समाधान, उनका सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित करना और बाजार में अपील के विषय पर चर्चा की गई। ईपीसीएच के अध्यक्ष दिलीप बैद ने कहा कि परिषद ने 2030 तक तीन गुना निर्यात हासिल करना है। इस कार्यशाला का उद्देश्य हस्तशिल्प उद्योग के एक विशिष्ट हिस्से, मेटल हस्तशिल्प के लिए पैकेजिंग से संबंधित चुनौतियों और अवसरों का समाधान करना है। इसमें पैकेजिंग के लिए नवीन तरीकों का पता लगेगा। संस्था के कार्यकारी निदेशक आरके. वर्मा ने कहा कि मुरादाबाद में मेटलवेयर शिल्प कौशल की एक समृद्ध परंपरा है। उन्होंने शिल्प कौशल और प्रभावी पैकेजिंग के बीच अंतर बताने की कोशिश की। बताया कि साल 2022-23 के दौरान देश से हस्तशिल्प का कुल निर्यात 30,019.24 करोड़ रुपये (3,728.47 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का हुआ है। उपाध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना ने बताया कि उत्पादों को उनकी अनूठी विशेषताओं की वजह से पैकेजिंग में सावधानीपूर्वक सोच विचार की जरूरत है। मुरादाबाद हस्तशिल्प निर्यातक संघ के महासचिव अवधेश अग्रवाल ने कहा कि पैकेजिंग का मतलब सिर्फ उत्पादों की सुरक्षा करना नहीं है बल्कि यह खरीदारों के मन में एक स्थायी प्रभाव डालना है। इस कार्यशाला से मिली जानकारी मेटल हस्तशिल्पों के लिए पैकेजिंग मानकों को ऊंचा करेगी। बाइंग एजेंट एसोसिएशन की महासचिव तान्या भाटिया ने कहा कि दुनिया भर में खरीदार टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल पैकेजिंग की तलाश में हैं। उत्पादों की सोर्सिंग करते समय खरीदार अंतरराष्ट्रीय मानकों पर जोर देते हैं। ईपीसीएच के पैकेजिंग सलाहकार और विशेषज्ञ डॉ. माधव चक्रवर्ती ने प्रतिभागियों को हस्तशिल्प धातु उत्पादों के लिए सबसे प्रभावी पैकेजिंग रुझानों और व्यवसायियों को उनकी पैकेजिंग को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के बारे में बताया। उन्होंने एक महीने पहले की गई खोज और क्लस्टर आधारित निर्यातकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर विकसित कुछ सांकेतिक पैकेजिंग प्रोटोटाइप भी साझा किया । ये प्रोटोटाइप स्टोन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। प्रोटोटाइप में पर्यावरण के अनुकूल पैकेजिंग सामग्री, कलात्मक पैकेजिंग डिजाइन और इनोवेटिव प्रॉडक्ट प्रेजेंटेशन भी शामिल थे। इस दौरान प्रतिभागियों ने पैकेजिंग तकनीक, पैकेजिंग विकास और विपणन से संबंधित प्रश्न पूछे। इस दौरान ईपीसीएच सीओए हेमंत जुनेजा, विशाल अग्रवाल, उपनिदेशक नवीन गौड़ सहित 100 से अधिक निर्यातक मौजूद थे।