मुरादाबाद। ब्राइट स्टार हॉस्पिटल में संक्रमित मरीजों की मौत की असल वजह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगी। लेकिन मौजूदा समय में नॉन कोविड अस्पताल ऑक्सीजन की किल्लत जूझ रहे हैं। इन अस्पतालों को पांच से छह दिन में एक ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई मिल रही है। इससे मरीज मुश्किल में आ सकते हैं। डाक्टरों का दावा है कि बेवजह लोगों ने ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर करने शुरू कर दिए हैं, इससे भी सप्लाई बाधित हो रही है।
ऑक्सीजन की किल्लत के बीच नॉन कोविड 99 निजी अस्पतालों की मुश्किलें बढ़ने लगी है। तीन चार दिन ऑक्सीजन सप्लाई नहीं होने पर डाक्टरों ने नए मरीजों की भर्ती बंद कर दी। वहीं पहले से भर्ती मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। हालांकि अब पांच से छह दिनों एक ऑक्सीजन सिलिंडर की सप्लाई होने लगी है। लेकिन ऑक्सीजन की किल्लत बरकरार है। नर्सिंग होम एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. रवि गंगल ने बताया कि नॉन कोविड निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की समस्या बरकरार है। इसकी एक वजह लोगों द्वारा बेवजह अपने घरों में ऑक्सीजन सिलिंडर स्टोर करना है। इससे जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है।