आर्थिक मंदी की मार झेल रहे मुरादाबाद के हस्तशिल्प उद्योग में भी नौकरियों में छंटनी का दौर शुरू हो गया है। प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करीब 10 लाख लोगों को रोजगार देने वाले हस्तशिल्प उद्योग ने पिछले कुछ दिनों में 3000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।
निर्यातकों का कहना है कि कर्मचारियों की छंटनी मजबूरी है। यदि मंदी का सिलसिला लंबा चला तो यह आंकड़ा बहुत तेजी से बढ़ सकता है।
मुरादाबाद में हस्तशिल्प की करीब 2000 निर्यात फैक्ट्री हैं। यहां से हर साल दुनिया के 150 से अधिक देशों को करीब 10 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। लेकिन आर्थिक मंदी की वजह से मुरादाबाद का हस्तशिल्प उद्योग लड़खड़ा रहा है।
ईपीसीएच के सीओए मेंबर अनूप शंखधार का कहना है कि हस्तशिल्प इंडस्ट्री से पिछले कुछ दिनों में तीन से चार हजार कर्मचारियों की छंटनी हो चुकी है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवेद उर रहमान का कहना है कि फैक्ट्रियों से कर्मचारियों की छंटनी शुरू हो गई है यदि मंदी का यही हाल रहा तो आने वाला समय निर्यातकों के साथ ही कर्मचारियों के लिए भी बहुत मुश्किल भरा होगा।
सीएल गुप्ता एक्सपोर्टस के मालिक अजय गुप्ता भी साफ कर चुके हैं कि मंदी का यही हाल रहा तो निर्यात इकाइयों के पास कर्मचारियों की छंटनी के अलावा दूसरा विकल्प नहीं बचेगा।