मुरादाबाद। दिवाली में महज 11 दिन बाकी हैं, लेकिन शहर की सड़कों को रोशन करने की व्यवस्था खुद अंधेरे में है। पीतलनगरी में कहीं स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद हैं तो कहीं रोशनी का इंतजाम ही नहीं है। श्री राम चौक से बुद्धि विहार सेक्टर-10 तक बाईपास की करीब 350 लाइटें बंद पड़ी हैं। कांठ रोड, रामगंगा विहार और लाइनपार के कई इलाकों में भी यही हाल है। प्रमुख चौराहों से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक खराब प्रकाश व्यवस्था की शिकायतें नगर निगम पहुंच रही हैं, लेकिन कई स्थानों पर समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
बाईपास की 350 लाइटें बंद, राहगीरों की मुश्किल बढ़ी
श्री राम चौक से बुद्धि विहार सेक्टर-10 तक बाईपास पर करीब 350 स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। शहर के प्रमुख मार्ग पर इतने बड़े पैमाने पर लाइटें खराब होने से रात में आवागमन करने वालों की परेशानी बढ़ सकती है। इस मार्ग से भारी वाहन भी गुजरते हैं और आसपास आबादी भी है। इसी तरह बुद्धि विहार सेक्टर-12 के निवासी भी लाइटें ठीक कराने के लिए कई बार शिकायत कर चुके हैं। इसके बावजूद समस्या बनी हुई है। त्योहार से पहले प्रमुख मार्ग की प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त न होना जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
कांठ रोड से रामगंगा विहार तक खराब व्यवस्था
कांठ रोड की कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतें हैं। रामगंगा विहार में सेल टैक्स चौराहे के पास और आशियाना रोड पर भी लाइटें बंद पड़ी हैं। बंगला गांव चौराहा, जिगर कॉलोनी और डीएल नर्सिंग होम रोड पर भी प्रकाश व्यवस्था प्रभावित है। इन प्रमुख स्थानों पर अंधेरा रहने से रात में राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
लाइनपार में कहीं लाइटें नहीं, कहीं खराब पड़ीं
लाइनपार के श्रीनगर और हरिहर कॉलोनी में स्ट्रीट लाइटें ही नहीं हैं। मंडी समिति क्षेत्र में भी कई लाइटें बंद हैं। प्रेम नगर, रामेश्वर कॉलोनी, एकता कॉलोनी, पैपटपुरा, प्रीतम नगर समेत कई इलाकों की तमाम गलियां अंधेरे में हैं। ऐसे में इन इलाकों में समस्या केवल खराब लाइटों की मरम्मत तक सीमित नहीं है। जहां प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध नहीं है, वहां लाइटें लगाना भी जरूरी है। त्योहार से पहले इन बस्तियों की सुध लेना संबंधित विभाग के लिए चुनौती है।
सोसायटियों में महीनों से नहीं जलीं लाइटें
गौर ग्रेसियस, प्रकाश एन्क्लेव और टीडीआई सिटी में भी कई स्ट्रीट लाइटें महीनों से बंद पड़ी हैं। हालांकि, इन सोसायटियों में प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित डेवलपर की है। ऐसे में लाइटें ठीक कराने की जिम्मेदारी भी डेवलपर की बनती है। वहीं, सार्वजनिक मार्गों और नगर निगम के अधीन क्षेत्रों में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी निगम की है। नगर निगम कार्यालय में लगभग हर वार्ड से स्ट्रीट लाइटें खराब होने की शिकायतें पहुंच रही हैं। बाईपास से लेकर कॉलोनियों और चौराहों तक सामने आ रही समस्याएं शहर की प्रकाश व्यवस्था की बदहाली बयां कर रही हैं।
वर्जन
नगर निगम के पथ प्रकाश विभाग की ओर से समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कई स्थानों पर खराब स्ट्रीट लाइटों को चिह्नित किया गया है। इन्हें बदलने का काम चल रहा है। दिवाली से पहले नगर निगम के दायरे वाली सभी लाइटें दुरुस्त कर दी जाएंगी।
- अजीत कुमार सिंह, अपर नगर आयुक्त