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Moradabad News: अफसरों के निलंबन से प्रदेश में आक्रोश, 75 जिलों में विरोध प्रदर्शन

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मुरादाबाद। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के आदेश पर मुरादाबाद जोन के चीफ इंजीनियर समेत पांच अफसरों के निलंबन पर प्रदेशभर के विद्युत कर्मियों में आक्रोश है। इस मुद्दे को निजीकरण की नीति के साथ जोड़ते हुए अभियंता संघ, जूनियर इंजीनर्स व पावर आफिसर्स एसोसिएशन ने सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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मुरादाबाद में मुख्य अभियंता कार्यालय में मंडल के विद्युत कर्मी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे और नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि नगर निगम की गलती का खामियाजा विद्युत निगम के अधिकारी झेल रहे हैं। इस मामले की तकनीकी रिपोर्ट पीवीवीएनएल मुख्यालय को सौंप दी गई है। नगर निगम द्वारा 25 किलोवाट के विद्युत भार 35 किलोवाट लोड चलाया जा रहा था। इसके कारण फाल्ट हुआ और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। दूसरी ओर निजीकरण व कार्रवाई के विरोध में मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अभियंताओं ने विरोध स्वरूप लखनऊ में ऊर्जा मंत्री के आवास का घेराव किया। पश्चिमांचल के 14 जिलों के विद्युत कर्मियों भी 24 जुलाई को ऊर्जा मंत्री के आवास का घेराव करेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के पदाधिकारियों सचिन, दीपक, प्रणव, आरएन राठौर, शिवम, ओम प्रकाश, संदीप, मुलायम सिंह ने कहा कि अवर अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक अधिकारी एवं कर्मचारी को बिना किसी गलती के निलंबित कर दिया गया। इस प्रकरण में तकनीकी बिंदुओं को जाने बिना कार्रवाई की गई है। संगठन इसका पुरजोर विरोध करता रहेगा। 24 जुलाई को मेरठ में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के मुख्यालय ऊर्जा भवन पर व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा।
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आज नए अधिकारियों को सौंपी जाएगी विद्युत वितरण की जिम्मेदारी
मुख्य अभियंता एके सिंघल, एसई सुनील अग्रवाल, एक्सईएन प्रिंस गौतम, एसडीओ राणा प्रताप और जेई ललित कुमार के निलंबन के बाद इन पदों पर किसी को जिम्मेदारी नहीं दी गई। मंगलवार देर रात को पदभार सौंपने के लिए पीवीवीएनएल से एक पत्र जारी किया गया है। विद्युत कर्मियों का कहना है कि अभी नाम स्पष्ट नहीं है लेकिन बुधवार को नए अधिकारी और जेई कार्यभार संभाल लेंगे। इससे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलेगी। दो दिन से समाधान शिविर के अलावा कहीं उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी।
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