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सराफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के आदेश

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मुरादाबाद। अदालत ने एक सराफ के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़ित ने सराफ पर गिरवी रखा सोना बदलने का आरोप लगाते हुए अदालत मे अर्जी दी थी। अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम ने प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
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सिविल लाइंस के रामाश्रम कॉलोनी निवास संदीप वर्मा ने छह मई को अपने अधिवक्ता के माध्यम से सीजेएम विमल वर्मा की अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसमें चंद्रनगर स्थित ज्वैलरी शॉप के स्वामी और उनके बेटे पर आरोप लगाया। प्रार्थना पत्र के अनुसार पिता-पुत्र जेवर गिरवी रखकर रुपया देने का कार्य करते हैं। विमल वर्मा ने 18 मई 2017 को जरूरत पड़ने पर पिता-पुत्र से पांच लाख रुपये लिए थे। जिसकी एवज में सोने चांदी के जेवर गिरवी रखे थे। निश्चित ब्याज व मूल रकम अदा करने पर जेवर वापस देने की शर्त तय हुई थी। जेवर छुड़ाने के लिए उन्होंने परिचितों से रुपये उधार लिए। 28 अप्रैल 2022 को उन्होंने पिता पुत्र को मूलधन और ब्याज चुका कर गिरवी रखे अपने जेवर वापस ले लिए। लोगों से उधार लिया गया धन चुकाने के लिए वह दो दिन बाद वही जेवर लेकर दूसरे ज्वेलर के यहां बेचने गए। ज्वेलर ने जांच कर बताया कि हार और कड़े आर्टिफिशियल हैं, इन पर सोने की पालिश चढ़ी है। ठगी का अहसास होने पर विमल के होश उड़ गए। वह जेवर लेकर सराफ पिता-पुत्र के पास पहुंचे तो दोनों उनसे झगड़ा करने लगे। आरोप है कि पिता-पुत्र ने गिरवी रखे जेवरात हड़प कर उनकी जगह नकली जेवरात बनवाकर वापस किए। इस मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विमल वर्मा की अदालत में हुई। न्यायाधीश ने पीड़ित का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस को अभियोग पंजीकृत कर विवेचना करने का आदेश जारी किया।
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