मुरादाबाद। जिला अस्पताल में 100 बेड का सीसीयू बनाने की अनुमति शासन से मिल गई है। हालांकि, बिना डॉक्टरों के इसका संचालन चुनौती भरा होगा। जिला अस्पताल पहले ही डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा है। इसके कारण 30 बेड के आईसीयू का संचालन तीन साल से नहीं हो पाया है।
अब 100 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में ज्यादा संसाधनों की जरूरत होगी। हालांकि] इसके निर्माण में ही अभी करीब दो साल लग जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का दावा है कि शासन को पत्र लिखकर डॉक्टरों की तैनाती की अपील की जाएगी। फिलहाल स्थिति यह है कि अस्पताल में 22 विशेषज्ञों समेत 35 डॉक्टरों के पद खाली हैं।
स्वास्थ्य विभाग के पास वेंटीलेटर तो है लेकिन इलाज नहीं है। आईसीयू होने के बावजूद सांस के गंभीर मरीजों को मेरठ, दिल्ली के अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल में जनरल फिजीशियन के दो, चेस्ट फिजीशियन का एक, रेडियोलॉजिस्ट के दो, हृदय रोग विशेषज्ञ के दो, न्यूरो सर्जन का एक, एनेस्थेटिस्ट, मानसिक रोग विशेषज्ञ, जनरल सर्जन, ऑर्थो सर्जन, ईएनटी सर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, न्यूरो फिजिशियन के एक-एक पद खाली हैं।
इसी तरह इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के दो व एमओ के तीन पद खाली हैं। वहीं सीसीयू के संचालन के लिए विभाग को कम से कम चार विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थेटिस्ट, पैरामेडिकल स्टाफ की जरूरत होगी। जिला अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संगीता गुप्ता का कहना है कि सीएमओ के साथ समन्वय कर डॉक्टरों की समस्या को हल करेंगे। सीसीयू बनने के साथ डॉक्टरों की तैनाती के लिए शासन से अपील की जाएगी।