मुरादाबाद। फिल्म हेराफेरी की तर्ज पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना अनुराग चतुर्वेदी के पकड़ने जाने की सूचना मिलने पर शुक्रवार को बरेली के लोग मझोला थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उनके साथ भी ठगी की थी। आरोपियों ने बरेली के दस लोगों से करीब एक करोड़ रुपये ठगे थे। वह अपने प्रार्थनापत्र देकर चले गए।
23 फरवरी को एसएसपी बबलू कुमार ने ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि मझोला के आजाद नगर निवासी प्रोफेसर जैनुल आबिदीन ने 18 फरवरी को मझोला थाने में कानपुर देहात के तुलसी नगर निवासी अनुराग चतुर्वेदी, उसकी पत्नी इंदु कमल और बरेली जनपद के संजय नगर थानाक्षेत्र के अशोक नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार और उसकी पत्नी मंजू कुमारी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जैनुल ने बताया कि बीस सितंबर 2020 में चारों आरोपी उनके घर आए और मुलाकात की थी। आरोपियों ने बताया कि वह बरेली के सीबीगंज थानाक्षेत्र के महेशपुरा में हम एक कंपनी चलाते हैं। अनुराग ने खुद को कंपनी का सीईओ बताया था। आरोपियों ने कंपनी से जुड़ने का ऑफर देकर जैनुल से 47 लाख 68 हजार रुपये अपने खातों ट्रांसफर करा लिए थे। बुधवार को पुलिस आरोपी को जौनपुर से गिरफ्तार कर लाई थी। इसके बाद आरोपी को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया था। शुक्रवार को बरेली के आंवला के पैगा निवासी भगीरथ समेत अन्य लोग मझोला थाने पहुंचे, उन्होंने बताया कि अनुराग और उसके साथियों ने दो साल पहले बरेली के सीबीगंज में अपना दफ्तर खोला था। हमारी कंपनी सर्फ, क्लीनर, हैंडवॉश, सैनिटाइजर समेत अन्य प्रोडेक्ट क्रय व विक्रय करती है। भगीरथ ने बताया कि उसे ग्यारह लाख 90 हजार रुपये जमा करा लिए थे। भगीरथ के अलावा नौ और लोगों से भी आरोपी ने रकम जमा कराई थी। सभी दस लोगों से एक करोड़ रुपये जमा कराए थे। मझोला थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया है। विवेचना में उनका प्रार्थना पत्र भी शामिल किया जाएगा।