मुरादाबाद। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आयुर्वेद डाक्टरों को सर्जरी की अनुमति देने के विरोध में उतर आया है। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ आईएमए से जुड़े डाक्टर आज (मंगलवार) सांकेतिक हड़ताल पर रहेंगे। दोपहर में बारह बजे से दो बजे तक तक दो घंटे ओपीडी बंद रखेंगे। पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध जताएंगे। डाक्टरों ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में मिक्सोपैथी (खिचड़ी तंत्र) का विरोध किया जाएगा।
आईएमए भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में आईएमए प्रेसीडेंट डा. भगतराम राणा ने कहा कि एसोसिएशन चिकित्सा शिक्षा में मिक्सोपैथी का विरोध करता है। प्रत्येक बीमारी का इलाज आधुनिक तरीके से किया जाता है। माडर्न मेडिसिन पूरी तरह से रिसर्च पर आधारित ज्ञान है। यह चिकित्सा महामारी के कंट्रोल में सक्रिय भूमिका निभाती है। इसी तरीके से आयुर्वेद, यूनानी मेडिसन को वैज्ञानिक तरीके से विकसित किया जा सकता है। माडर्न मेडिसिन में खिचड़ी तंत्र को लाने से पूरी चिकित्सा पद्धति का हृास होगा और भविष्य में रोगियों को उच्चस्तरीय इलाज मिलना असंभव हो जाएगा। पूर्व स्टेट प्रेसीडेंट डा. विनय गुप्ता ने कहा कि सरकार को डाक्टरों की संख्या बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देना चाहिए। ताकि भविष्य में योग्य और कुशल चिकित्सक समाज को मिल सकें। आईएमए मिक्सोपैथी का पूर्ण विरोध करता है। इस प्रकार की अपरिपक्व शिक्षा से चिकित्सकों का स्तर नीचे गिर जाएगा। इसके विरोध में आईएमए से जुड़े डाक्टर मंगलवार दोपहर बारह बजे से दो बजे तक शहर में सांकेतिक आंदोलन करेंगे। ओपीडी सेवा बंद रहेगी। साथ ही 11 दिसंबर को बारह घंटे की हड़ताल रहेगी। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक ओपीडी बंद रहेगी। इमरजेंसी और कोविड सेवा बहाल रहेगी। इस दौरान सेक्रेटरी डा. प्रीति गुप्ता, डा. पूनम सिंह, डा. गोपेश मेहरोत्रा, डा. रवि गंगल, डा. अजय अरोड़ा, डा. सुदीप कौर, डा. जेे शर्मा मौजूद रहे।