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चार हजार भट्ठियां ः तीन सील, 50 को हटाने के नोटिस, कैसे कम हो प्रदूषण

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मुरादाबाद। पीतल नगरी के वायु प्रदूषण से राहत मिलना अब मौसम की मेहरबानी पर निर्भर है। शहर की गलियों में धधक रहीं अवैध पीतल भट्ठियां और ई-कचरा जलाने का कार्य शहर की आबोहवा जहर घोल रहा है। आलम यह है कि यहां चार हजार भट्ठियां हैं और उनमें से मात्र तीन को ही सील किया गया है। अब पचास अन्य को हटाने की तैयारी की बात कही जा रही है। उधर प्रदूषण इस कदर बढ़ रहा है कि 24 घंटे के लिए निर्धारित नाइट्रोजन डाईऑक्साइड का मानक एक घंटे में ही तीन गुना अधिक हो रहा है। दो दिन की राहत के बाद सोमवार को मुरादाबाद फिर से लाल रंग की श्रेणी में पहुंच गया। अवैध पीतल भट्ठियों के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से की जा रही कार्रवाई नाकाफी साबित हो रही है।
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शहर के गलशहीद, दौलतबाग, ईदगाह, मकबरा, पीरगैब, बरबलान, नवाबपुरा, नागफनी आदि क्षेत्रों में करीब चार हजार पीतल भट्ठियों में पीतल गलाने का कार्य किया जाता है। सर्वाधिक काम लालबाग इलाके में हो रहा है। यहां पर अवैध पीतल भट्ठियों के संचालन के अलावा ई-कचरा जलाने का भी कार्य होता है। दूसरे प्रदेशों से कबाड़ लाकर उसमें आग लगाकर धातु निकालने का कार्य भी हो रहा है। इस कार्य को करने बच्चे, बड़े, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं।
बाहरी व्यक्ति को देखते ही हो जाते हैं सतर्क
गलियों में अवैध पीतल भट्ठियों के संचालन के अलावा कबाड़ से धातु को निकालने के लिए मजदूर रखे गए हैं, जो आस-पास के क्षेत्रों से आते हैं। खुद कार्य करने के अलावा ठेके पर भी कार्य करवाया जाता है। इसकी जानकारी के लिए यदि कोई बाहरी व्यक्ति जाता है तो इस कार्य में लगे सभी लोग सतर्क हो जाते हैं। कार्य को बंद कर मजदूरों को हटा देते हैं और बाहरी व्यक्ति के साथ अभद्रता करने से भी नहीं चूकते हैं।
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एनओ-2 का स्तर 156 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर
शनिवार को उत्तर और रविवार को पूरब दिशा से हवा रहने के बाद सोमवार को हवा पश्चिम दिशा से रही। इसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। विशेषज्ञों के अनुसार नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का 24 घंटे का अधिकतम स्तर 50 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है। रात नौ बजे अधिकतम स्तर 156, न्यूनतम 29 और औसत 72 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 460, न्यूनतम 123 और औसत 274 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 568, न्यूनतम 109 और औसत 334 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
जुलाई से अब तक करीब तीन उद्योगों को सील किया है। पांच के खिलाफ धारा 133 में कार्रवाई के लिए एसीएम को पत्र भेजा है और 50 उद्योगों को उनकी जगह से हटवाने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को लिखा है।
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विकास मिश्र, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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