मुरादाबाद। डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में शुक्रवार को प्रशिक्षु डिप्टी एसपी और दरोगाओं के साथ पूर्व डीजी वीसी गोयल ने अपना अनुभव शेयर किया। उन्हें पुलिस की भूमिका, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारियों का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि एक अच्छा पुलिसकर्मी बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। इंसानियत मजबूत होगी तो पुलिसिंग अपने आप प्रभावी और संवेदनशील हो जाएगी।
डॉ. बीआर आंबेडकर पुलिस अकादमी में डिप्टी एसपी और दरोगा के बैच की ट्रेनिंग चल रही है। इन बैच को फील्ड में उतारने से पहले हर क्षेत्र में मजबूत बनाया जा रहा है। चाहें पुलिसिंग हो या सामाजिक जिम्मेदारी। पूर्व डीजी वीसी गोयल इस बैच के साथ करीब 90 मिनट रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं है बल्कि समाज में न्याय और विश्वास की नींव भी है। पुलिस न्याय दिलाने वाला इकलौता अंग नहीं है। न्याय प्रक्रिया में अदालत, अभियोजन, प्रशासन और समाज सभी की अपनी अपनी भूमिका होती है। पुलिस की भूमिका सबसे पहले शुरू होती है। इस लिए पुलिस को संवेदनशील होना चाहिए। पुलिस पीड़िता को न्याय दिलाना चाहेगी तो हर एक पहलू पर गहनता से काम करना होगा। पीड़िता के साथ अच्छा व्यवहार, साक्ष्य जुटाने से लेकर मजबूत चार्जशीट तैयार करने तक। इसके बाद ही आगे प्रक्रिया शुरू होती है। इसलिए पुलिस कर्मी बनने से पहले एक अच्छा इंसान बनना जरूरी है। इस दौरान डीजी ट्रेनिंग राजीव सभरवाल भी मौजूद रहे।