प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम योजना के तहत वर्ष 2015-16 में जिले में नए स्कूलों के निर्माण की रफ्तार सुस्त रही। नौ साल में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लिमिटेड सिर्फ 11 स्कूलों का ही निर्माण कर सका। जबकि 45 नए प्राथमिक स्कूलों के निर्माण को मंजूरी मिली थी। वहीं नगर निगम ने नौ जूनियर हाईस्कूलों में से आठ का निर्माण पूरा कर लिया है। शेष एक स्कूल के निर्माण कार्य की योजना ठंडे बस्ते में डाल दी गई है।
इसका खुलासा सोमवार को विकास भवन में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पूर्व में एमएमडीपी) योजना के निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुआ। सीडीओ ने बचे हुए प्राथमिक विद्यालयों के निर्माण कार्य को भी पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही संस्था की ओर से कार्य में लापरवाही पाए जाने पर अधिशासी अभियंता का वेतन रोकने का निर्देश दिया। वहीं डीएम ने संस्था को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने बताया कि 45 स्कूलों का निर्माण कार्य होना था। इसमें 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार व 50 प्रतिशत राशि राज्य सरकार की ओर से दी जा रही है। 2016 में निर्माण कार्य के लिए पहली किस्त और 2023 में दूसरी किस्त आई थी। अब तक करीब 18 स्कूलों का निर्माण पूरा हुआ है, अन्य स्कूल भी जल्द बीएसए को सौंप दिए जाएंगे।
बैठक में मूंढापांडे में स्थित राजकीय आईटीआई और रसूलपुरा कांठ में स्थित होमियोपैथिक, आयुर्वेदिक चिकित्सालय एवं राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज के पुराने भवन के सत्यापन की जांच करने के लिए कमेटी का गठन किया गया। सीडीओ ने कमेटी से जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, परियोजना प्रबंधक, सीएंडडीएस, अधिशासी अभियंता जल निगम और अधिशासी अभियंता यूपीसीएलडीएफ मौजूद रहे।