बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक बनने के लिए रविवार को हुई लिखित परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी उमड़े। पंजीकृत में से सिर्फ एक हजार ने परीक्षा से किनारा किया। परीक्षा में शामिल होने आए परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रश्नपत्र औसत आया था। नकारात्मक मूल्यांकन न होने की वजह से सभी प्रश्नों को हल किया है। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है।
जिले के 39 परीक्षा केंद्रों पर एक पाली में सुबह 11 बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक परीक्षा हुई थी। परीक्षा के लिए 21326 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 20324 परीक्षार्थी उपस्थित हुए और एक हजार दो अभ्यर्थी परीक्षा देने नहीं आए। केंद्रों पर सुबह से ही भीड़ उमड़ने लगी थी। परीक्षा छूटने तक उनके अभिभावकों ने बाहर इंतजार किया। अभ्यर्थियों में शिक्षक बनने का रुझान इस कदर था कि केंद्रों पर आधे अभ्यर्थी 40 वर्ष की उम्र से अधिक के थे। उनमें भी ज्यादातर निजी व अन्य सरकारी नौकरियों में कार्यरत थे। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी के अनुसार चार परीक्षा केंद्रों पर अनुचित साधन का प्रयोग करते हुए चार अभ्यर्थी पाए गए। सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
गणित के सवाल मुश्किल लगे और भाषा के प्रश्नों को आसानी से हल कर दिया था। गुरुग्राम में निजी कंपनी में कार्यरत हूं, इसलिए तैयारी नहीं हो पाई है। परिजन शिक्षक बनाना चाहते हैं।
ललित कुमार, चंदौसी।
निजी स्कूल में शिक्षक हूं। गणित के प्रश्न ही मुश्किल रहे। नकारात्मक मूल्यांकन नहीं है, इसलिए सभी प्रश्नों के जवाब दिए हैं।
ममता, हरिद्वार।
निजी स्तर पर पढ़ाता हूं। सामान्य ज्ञान के सवाल कठिन थे। टैट की परीक्षा में 85 और 80 अंक आए थे। पास होने की पूरी उम्मीद है।
योगेंद्र सिंह, धामपुर।
निजी डिग्री कालेज में शिक्षा संकाय में शिक्षक हूं। प्रश्नपत्र औसत था। मनोविज्ञान, हिंदी और गणित के सवालों को आसानी से हल कर दिया था।
माधव, बिजनौर।