मुरादाबाद। बुजुर्गों की पेंशन के लिए अधिकारियों की कार्यशैली रोड़ा बन गई है। जिले के विभिन्न तहसील और ब्लॉक कार्यालयों में वृद्धावस्था पेंशन फॉर्म का सत्यापन का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। इसके चलते लोग वृद्धावस्था पेंशन से वंचित हो रहे हैं। लोग तहसील, ब्लॉक और विकास भवन का चक्कर काट रहे हैं, लेकिन एसडीएम और बीडीओ के स्तर से फॉर्म अग्रसारित नहीं हो पा रहे हैं। हालत यह है कि तकरीबन एक हजार से अधिक आवेदन अब भी लंबित पड़े हुए हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को जीवन यापन के लिए पेंशन दी जाती है। यह पेंशन हर महीने बुजुर्गों के उनके बैंक अकाउंट में भेजी जाती है। बुजुर्गों को इस पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसमें वह गरीबी रेखा से नीचे का आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आयु प्रमाण पत्र और बैंक अकाउंट आदि की जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इसके बाद नगरीय क्षेत्र के बुजुर्गों के फॉर्म संबंधित तहसील क्षेत्र के एसडीएम के पोर्टल और देहात के लोगों के फॉर्म बीडीओ के स्तर से स्वीकृत और अस्वीकृत किए जाते हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से सत्यापन की अवधि 45 दिन तय की गई है लेकिन निर्धारित अवधि पूर्ण होने के बावजूद भी फॉर्म सत्यापित नहीं हो पा रहे हैं। मौजूदा समय में कुल 1070 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। इसमें 258 बुजुर्गों के आवेदन 45 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हुए हैं। इन बुजुर्गों को आवेदन जिले के विभिन्न तहसील और ब्लॉक कार्यालयों में अटके हुए हैं। सीएम डैशबोर्ड पोर्टल के अनुसार राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए जिले में कुल 83981 आवेदन किए गए थे। इसमें से 1304 आवेदन को बीडीओ और एसडीएम के स्तर से ही अस्वीकृत कर दिया गया, जबकि 937 आवेदन इसी स्तर पर लंबित पड़े हुए हैं। इसके अगले स्तर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी ने 341 आवेदनों को अस्वीकृत किया है। जबकि, जिला समाज कल्याण अधिकारी के स्तर पर अब तक 133 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र गौतम के मुताबिक सत्यापन की प्रक्रिया को तेज किया गया है। जल्द ही पात्रों को पेंशन मिलने लगेगी। कई आवेदन सत्यापित हो चुके हैं, जो पोर्टल पर अभी अपडेट नहीं हुआ है।