बैंक प्रबंधक के वेतन काटने का आदेश
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सीडीओ सुमित यादव ने पंचायत राज विभाग के 15 वें वित्त एवं राज्य वित्त के साथ ओडीएफ प्लस से संबंधित कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सीडीओ ने उन ग्राम पंचायतों की समीक्षा की जिनके सचिवों के खातों में अधिक धनराशि अवशेष थी।
पंचायत सचिवों से संबंधित धनराशि खर्च क्यों नहीं की गई यह भी जानकारी की गई। लेकिन वह संतोष जनक उत्तर नहीं दे सके। प्रगति खराब मिलने पर एक पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया जबकि दो का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।
विकास भवन सभागार में बुधवार की गई समीक्षा में पाया गया कि ग्राम पंचायत मूंढापांडे के पंचायत सचिव रविपाल ने ठोस एवं तरल अपशिष्ठ प्रबंधन के अंतर्गत छह ग्राम पंचायतों में से दो ग्राम पंचायतों में भुगतान किया है। जबकि चार ग्राम पंचायतों में कोई भी धनराशि का व्यय नहीं किया है।
सीडीओ ने इसे गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत सचिव रविपाल को तत्काल निलंबित करने के निर्देश डीपीआरओ को दिया है। ग्राम पंचायत विलाकुदान में 10.84 लाख धनराशि व्यय न किये जाने के बारे में पूछा गया तो ग्राम पंचायत अधिकारी एवं प्रभारी सहायक विकास अधिकारी पंचायत नीरज कुमार ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।
इस पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। ग्राम विकास अधिकारी की सुशील कुमार की ग्राम पंचायत में विकास के लिए आए 12.53 लाख रुपये व्यय न किए जाने के बारे में पूछे जाने पर वह भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
इस पर उनका भी वेतन रोकने के आदेश सीडीओ ने डीपीआरओ को दिए हैं। सीडीओ ने खराब प्रगति वाले सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को भी प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने को कहा है।