मुरादाबाद। दवाओं के दाम में अंतर के बाद अब अस्पतालों में होने वाली सर्जरी के पैकेज में भी बड़ा फर्क सामने आया है। शहर के निजी अस्पतालों में एक ही तरह की सर्जरी के लिए मरीज से अलग-अलग रकम मांगी जा रही है। पित्त की थैली में पथरी की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी इसका साफ उदाहरण है। दिल्ली रोड और कांठ रोड पर अस्पताल बदलते ही इस सर्जरी के पैकेज में हजारों रुपये का अंतर सामने आया। कहीं पैकेज 35 हजार रुपये बताया गया तो करीब 500 मीटर दूर दूसरे अस्पताल में यही सर्जरी 28 हजार रुपये में कराने की बात कही गई। कुछ दूरी और बढ़ने पर पैकेज 23 हजार रुपये तक बताया गया।
पड़ताल के दौरान अस्पतालों में पित्त की थैली की सर्जरी के पैकेज के बारे में जानकारी ली गई। अस्पतालों की ओर से बताए गए पैकेज में भर्ती, ऑपरेशन, कमरे, चिकित्सकीय निगरानी और कुछ जांचों को शामिल किए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि हर अस्पताल में पैकेज में शामिल सुविधाओं और बाहर से लगने वाले खर्च की स्थिति अलग-अलग बताई गई। यही वजह है कि मरीज को ऑपरेशन से पहले यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि बताए गए पैकेज के अलावा उसे और कितना भुगतान करना पड़ सकता है। सिर्फ पित्त की थैली में पथरी के लिए ही नहीं बल्कि नॉर्मल और सिजेरियन डिलीवरी के लिए भी अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग पैकेज हैं। कांठ रोड, दिल्ली रोड और रामपुर रोड स्थित अस्पतालों में नॉर्मल डिलीवरी 19 हजार से 15 हजार तक में हो रही है, तो वहीं सिजेरियन का खर्च 30 से 45 हजार तक बताया गया।
500 मीटर की दूरी में सात हजार का अंतर
शहर के एक अस्पताल में पित्त की थैली की लैप्रोस्कोपिक सर्जरी का पैकेज करीब 35 हजार रुपये बताया गया। इसके लगभग 500 मीटर की दूरी पर दूसरे अस्पताल में यही सर्जरी 28 हजार रुपये में कराने की जानकारी दी गई। दोनों अस्पतालों में सर्जरी का तरीका लैप्रोस्कोपिक ही बताया गया। इसके बाद दूसरे अस्पताल में पूछताछ करने पर पैकेज 23 हजार रुपये तक बताया गया। यानी मरीज के लिए अस्पताल बदलने पर एक ही सर्जरी की कीमत में 12 हजार रुपये तक का अंतर सामने आया। केंद्र सरकार की सीजीएचएस की संशोधित दरों में भी लैप्रोस्कोपिक कॉलेसिस्टेक्टॉमी यानी पित्त की थैली निकालने की सर्जरी के लिए अस्पताल और शहर की श्रेणी के अनुसार अलग दरें निर्धारित हैं। 2025 में जारी दरों में यह राशि 23,800 रुपये से 40,250 रुपये तक है। हालांकि ये दरें सीजीएचएस के लाभार्थियों और सूचीबद्ध अस्पतालों पर लागू होती हैं, सामान्य निजी मरीज के लिए अस्पताल अपनी पैकेज दर तय कर सकता है।
वर्जन
ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं के आधार पर खर्च अलग-अलग हो सकता है। सरकारी अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।
- डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ