ठाकुरद्वारा/कांठ। डीएम के आदेश पर मंगलवार को एसडीएम ने क्षेत्र की सहकारी समितियों पर खाद की उपलब्धता की जांच की। गोपीवाला स्थित सहकारी समिति बंद मिली। इसलिए यहां पर खाद की उपलब्धता की जानकारी नहीं मिल सकी। उधर, कांठ में भी एसडीएम के निरीक्षण के दौरान दो खाद समितियां बंद पाई गईं।
धान रोपाई का सीजन आते ही डीएम के आदेश पर एसडीएम प्रीति सिंह ने नगर के भायपुर सहकारी समिति पर पहुंचकर खाद की उपलब्धता की जांच की। जांच में पाया गया कि यहां पर 522 बोरा यूरिया और 165 बोरा एनपीके खाद उपलब्ध है। इसके अलावा सहकारी समिति नन्नूवाला, रतूपुरा और गोपी वाला स्थित कालाझंडा सहकारी समिति की भी जांच की गई। इन स्थानों पर खाद उपलब्ध मिला। डिमांड कम बताई गई। इसका कारण बताया गया कि अभी किसानों को खाद की अधिक जरूरत नहीं है। जब धान की फसल को लगा दिया जाएगा तो अधिक डिमांड बढ़ जाएगी। इस समय सिर्फ गन्ने की फसल के लिए ही किसान खाद ले जा रहे हैं। कांठ में सहकारी समितियों से किसानों को दी जाने वाली फास्फेटिक एवं यूरिया के निर्धारित दरों पर न देने और उसकी उपलब्धता को नोटिस बोर्ड पर अंकित न कराने पर डीएम के आदेश पर एसडीएम संत दास पंवार और नायब तहसीलदार योगेशचंद्र शर्मा ने सहकारी समितियों, सहकारी संघों का निरीक्षण किया। जहां मौके पर अनियमितताएं पाई गई। मंगलवार को डीएम के निर्देश पर एसडीएम संत दास पंवार ने सहकारी समितियों और संघों का निरीक्षण किया। वह सबसे पहले छजलैट स्थित राजकीय बीज भंडार पहुंचे। यहां स्टॉक पंजिका अधूरी, ई-पॉश मशीन खराब मिलने और परिसर में वाहनों के खड़ा होने पर एसडीएम ने नाराजगी जताई। इसके बाद वह सहकारी समिति सदरपुर मतलबपुर और कुचावली पहुंचे। यहां दोनों जगह समितियां बंद मिली।
इसके बाद एसडीएम ने फत्तेपुर विश्नोई सहकारी संघ का निरीक्षण किया। यहां भी स्टॉक पंजिका अधूरी पाई गई। वहीं नायब तहसीलदार योगेशचंद्र शर्मा ने भी कई समितियों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने बताया कि समितियों में सुविधाओं, यूरिया आदि का स्टॉक चेक किया गया है। जहां खामियां पाई गई हैं, वहां की रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।