मुरादाबाद। एमडीए में स्वीकृति के लिए लंबित मानचित्र प्रकरणों की सुनवाई के लिए आयोजित मानचित्र समाधान दिवस में डेढ़ साल से लंबित एक मसले का महज डेढ़ घंटे में समाधान निकालकर पार्टी को बता दिया गया। इसमें दो नक्शों को स्वीकृति दे दी गई जबकि एक निरस्त किया गया। चार मामलों में तकनकी आपत्तियों को बताकर उन्हें दूर कर पार्टी को आज फिर से बुलाया गया है।
एमडीए कार्यालय में आयोजित समाधान दिवस में एक आर्किटेक्ट अपनी दो पाटियों के मसले लेकर पहुंचे थे। एक मामला कांठ रोड का था। पार्टी की एक फैक्ट्री का ऑन लाइन नक्शा एप्रूव होना था। इसके लिए ऑन लाइन आवेदन किया था। ये मसला करीब डेढ़ साल पुराना है, लेकिन किसी ना किसी वजह से नक्शा स्वीकृत नहीं हो पा रहा था। समाधान दिवस में मामला वीसी मधुसुदन हुल्गी के समक्ष पहुंचा तो उन्होंने संबंधित तकनीकी अधिकारियों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। नक्शा देखा गया। पता चला कि मौके पर वर्तमान में 12 मीटर की सड़क मौजूद नहीं थी। एमडीए सचिव सर्वेश गुप्ता ने बताया कि इस मामले में समाधान निकाला गया है कि पार्टी चाहे तो आसपास वहां पर 12 मीटर रास्ते के लिए जमीन की व्यवस्था कर ले तो इसका समाधान हो सकता है और इसके बाद नक्शा स्वीकृति की संभावना हो सकती है। सचिव के अनुसार पार्टी को समाधान बता दिया गया है।
इसके अलावा करीब तीन महीने पहले दिल्ली रोड स्थित एक जमीन पर अवैध निर्माण की कंपाउंडिंग का मामला भी लंबित था। इस प्रकरण में एमडीए ने सीलिंग कर दी थी। पार्टी समस्या का नियमानुसार समाधान चाहती थी, पूरा मामले को चेक कराया गया। एमडीए सचिव के अनुसार इस समस्या का समाधान निकाला गया। पार्टी यदि सात दिन में अवैध निर्माण खुद गिराकर कंपाउंडिग शुल्क जमा करने को तैयार होती है तो समस्या का समाधान हो जाएगा। एमडीए सचिव सर्वेश गुप्ता ने बताया कि मानचित्र समाधान दिवस के पहले दिन सात मानचित्रों की स्वीकृति के लिए आवेदन मिले इनमें से दो मानचित्रों की स्वीकृति प्रदान की गई। एक मानचित्र को निरस्त कर दिया गया जबकि चार मानचित्रों में तकनीकी आपत्तियां बताई गई जिसे सुधार के बाद पार्टी को आज बुलाया गया है। गौरतलब है कि एमडीए वीसी ने समाधान दिवस की वजह से कार्यालय में आज का स्थानीय अवकाश् भी निरस्त कर दिया था।
किसी के भी भरोसे पर ना करें मानचित्र से भिन्न निर्माण, दो आर्किटेक्ट चिंहित
मुरादाबाद। एमडीए सचिव ने बताया कि समाधान दिवस के दौरान ऐसे भी मामले आए जिसमें पार्टी ने स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण कर लिया था। पार्टी से बातचीत में पता चला कि आर्किटेक्ट के कहने पर ही उन्होंने ऐसा किया। आर्किटेक्ट ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वे इसकी कपाउंडिंग करा दें और मसला निबट जाएगा। सचिव ने लोगों से अपील की है कि वे किसी के कहने या भरोसा दिलाने पर स्वीकृत मानचित्र से अलग निर्माण ना कराएं क्योंकि कपाउंडिंग का भी एक दायरा है। इससे अधिक निर्माण करने पर वह कंपाउंडिंग के दायरे में नहीं आते और पार्टी को खामियाजा भुगतना पड़ता है। सचिव ने बताया कि इस तरह के दो आर्किटेक्ट चिंहित किए गए हैं।