मुरादाबाद। कोरोना के लक्षण को हल्के में न लें। घरेलू उपचार या सैंपल के इंतजार में दिन न गंवाएं। वरना इलाज के देरी से निमोनिया का खतरा बढ़ सकता है। मरीज की मुश्किलें बढ़ सकती है। ऐसे में कोरोना के लक्षण आते ही खुद को संक्रमित मान लें। सैंपल रिपोर्ट आने का इंतजार न करें। कोविड की दवाओं के साथ पौष्टिक आहार लेना शुरू कर दें। इससे जोखिम कम रहेगा।
इस समय संक्रमण फैला हुआ है। घर-घर बुखार की शिकायत है, लेकिन संक्रमण के डर से लोग डाक्टर के पास नहीं जा रहे हैं। डाक्टरों के मुताबिक तीन दिन घर में बुखार की दवा ले रहें या फिर घरेलू नुस्खे का सहारा लेते हैं। इसके बाद भी सेहत में सुधार नहीं होने पर कोविड टेस्ट कराने की सोचते हैं। इसकी रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन और चले जाते हैं। इस तरह लक्षण के दिन से कोरोना टेस्ट रिपोर्ट आने तक मरीज के पांच से छह दिन निकल जाते हैं, जबकि इतने दिन में ही फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है। मरीज निमोनिया की जद में आता है। डाक्टरों के मुताबिक मरीजों की निमोनिया की शिकायत बढ़ रही है। इसकी वजह इलाज में देरी बन रही है। इसलिए कोरोना के लक्षण को नजरअंदाज न करें। लक्षण आने के पहले दिन से ही इलाज शुरू कर दें।
केस एक
सिविल लाइंस क्षेत्र के रहने वाले कारोबारी को बुखार की शिकायत हुई। कारोबारी दो दिन घर पर इलाज करते रहे। ठीक नहीं होने पर कोरोना टेस्ट कराया। दो दिन बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद उन्होंने कोविड की दवाएं शुरू कीं, तब तक वे निमोनिया की जद में आ गए। गनीमत रहा फेफड़ों में इंफेक्शन कम ही हुआ था। फिलहाल कारोबारी स्वस्थ हैं।
केस दो
बुद्धि विहार की महिला को हल्का बुखार और गले में खराश की शिकायत होने पर पेरासिटामोल और टॉन्सिल की दवा लेनी शुरू कर दी, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तीन दिन बाद कोविड टेस्ट कराया। दो दिन बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो कोविड का इलाज शुरू किया। इस बीच महिला का ऑक्सीजन लेवल कम होने लगा। फेफड़ों इंफेक्शन हो गया। बड़ी मुश्किल से महिला की जान बची।
इस बार संक्रमित मरीजों में निमोनिया की शिकायत अधिक मिल रही है। लक्षण आने के तीन से पांच दिन में निमोनिया होने लगती है। इसलिए इलाज में देरी न करें। कोविड की दवाएं लेनी शुरू कर दें। टेस्ट भी कराएं। - डा. डीके प्रेमी, जिला सर्विलांस अधिकारी
लक्षण नजर आते ही अपने को रोगी अपने को पॉजिटिव मान ले, रिपोर्ट का न इंतजार न करें। लक्षण के आने के पांच छह दिन में मरीज निमोनिया की जद में आता है, जो उसकी सेहत के लिए खतरनाक साबित होता है। इसलिए पहले दिन से दवाइयां शुरू कर दें। - डा. प्रवीण शाह, आईसीयू इंचार्ज, एल टू अस्पताल
होम आइसोलेशन में हर छह घंटे में ऑक्सीजन लेवल चेक करें
डा. प्रवीण शाह के मुताबिक होम आइसोलेशन में सेल्फ मानीटरिंग बेहद जरूरी है। इसके लिए घर में थर्मामीटर और पल्स ऑक्सीमीटर जरूर होना चाहिए। मरीज को चाहिए कि वह हर छह घंटे में शरीर का तापमान और ऑक्सीजन का स्तर को चेक करता रहे।
सलाह
- खाने में सलाद लें
- शुगर नहीं है तो खूब फल खाएं
- खाने में पनीर लें
- दूध लें
- दाल अधिक लें
- अंडा
- मांसाहार हैं तो चिकन, फिश खाने में लें
- जंक फूड न खाएं
- शुगर लेवल कंट्रोल में रखें
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पौष्टिक आहार लें, योग करें
मुरादाबाद। योग शिक्षा केंद्र आर्य समाज मंडी बांस के योग प्रशिक्षक मनोज कुमार रस्तोगी ने बताया कि पौष्टिक आहार के साथ रोजाना योग करें। इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। गिलोय, अदरक, काली मिर्च, अश्वगंधा, मुलैठी और तुलसी का काढ़ा दिन में दो बार लें। रोजाना दो बार हल्दी वाला दूध लें। बुखार आते ही पहले दिन से चार से पांच बार भांप जरूर लें। साथ ही कोरोना चिकित्सीय औषधियां समयानुसार लेते रहे।