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अफसर नहीं बता पाए हिट एंड रन केस में कैसे मिलेगा मुआवजा

Sun, 20 Mar 2016 03:58 AM IST
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
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टूटी कार
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असिस्टेंट कमिश्नर ट्रांसपोर्ट गंगाफल की क्लास में परिवहन अफसर फेल रहे। एआरटीओ से लेकर दोनों आरटीओ जयशंकर तिवारी एवं सुरेंद्र सिंह तक यह नहीं बता सके कि हिट एंड रन केस में पीड़ित परिवार को मुआवजा किस तरह मिलेगा।
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असिस्टेंट कमिश्नर ने बताया तो पता चला कि आज तक मुरादाबाद में हिट एंड रन केस के मुआवजे को लेकर कोई बैठक ही नहीं हुई। अफसरों को पता नहीं। जिला स्तर पर कोई बैठक नहीं ऐसे में पीड़ित परिवार को मुआवजा मिलता भी तो कैसे?


हिट एंड रन केस में मृतक के आश्रित को 25 हजार रुपया जबकि घायल को 12 हजार रुपया मुआवजे का प्राविधान है। इसके लिए पीड़ित व्यक्ति अथवा आश्रित की ओर से एसडीएम अथवा डीएम के यहां आवेदन किया जाता है। आवेदन पर तहसीलदार अथवा नायब तहसीलदार जांच करते हैं। उनकी जांच रिपोर्ट में आश्रित को प्रमाणित किया जाता है।
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जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी में मुआवजा का अनुमोदन पास होता है। बीमा कंपनी को वह मुआवजा देना होता है। कमेटी में डीएम अध्यक्ष, बीमा कंपनी के सीनियर मैनेजर सेक्रेटरी, आरटीओ अथवा एआरटीओ सदस्य एवं जिला स्तर पर एक अन्य सदस्य का पैनल होता है। सेक्रेटरी की जिम्मेदारी है कि वह समय समय पर बैठक बुलाए। आज तक यह बैठक हुई ही नहीं। 

  मुरादाबाद में दुर्घटनाएं, घायल और मृतकों की संख्या वर्ष  दुर्घटना    घायल   मृतक 2012 424 259 214 2013 427 243 247 2014 412 279 225 2015 413 230 218
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