- 15 साल बाद भी नहीं मिले प्रभार प्रमाण पत्र, 10 सितंबर से तलाश जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। जिला अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के सर्विस रिकॉर्ड की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह नर्सिंग कर्मचारियों के प्रभार प्रमाण पत्र अस्पताल से गायब हैं। हैरानी की बात यह है कि नियुक्ति के दो साल के भीतर शासन को भेजे जाने वाले इन दस्तावेजों की जरूरत 15 से 18 साल बाद पड़ रही है लेकिन अस्पताल प्रशासन इन्हें उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। 10 सितंबर से रिकॉर्ड की तलाश चल रही है, मगर अब तक नतीजा सिफर है। नर्सिंग स्टाफ में इसको लेकर रोष है।
नर्सिंग कर्मचारियों का कहना है कि कुछ महीने पहले अंशदायी पेंशन योजना से जुड़े दस्तावेज भी नहीं मिल रहे थे। काफी मशक्कत के बाद वे मिले तो अब प्रभार प्रमाण पत्र गायब हैं। कर्मचारियों के मुताबिक, इस मामले में जिम्मेदार बाबुओं से कोई स्पष्टीकरण भी नहीं लिया गया। जिन कर्मचारियों के प्रमाण पत्र नहीं मिल रहे हैं, उनमें पूनम मैसी, प्रतिमा शर्मा, सीमा भारती, शिराली, माधुरी चौधरी और अर्चना शामिल हैं। प्रभार प्रमाण पत्र से यह दर्ज होता है कि कर्मचारी ने किस पद पर और किस तारीख से कार्यभार संभाला। यह सेवा संबंधी अभिलेख है, जो कार्यभार ग्रहण करने की तारीख, पदस्थापन और सेवा विवरण के सत्यापन में काम आ सकता है। पदोन्नति, वेतन निर्धारण, सेवा सत्यापन और सेवानिवृत्ति संबंधी मामलों में इसकी जरूरत पड़ सकती है। एसआईसी डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय का कहना है कि दस्तावेज गुम नहीं हुए हैं। पुराने दस्तावेज हैं इसलिए ढूंढने में समय लग रहा है। जल्द ही रिकॉर्ड मिल जाएगा।