मुरादाबाद। अब मंडल के जरूरतमंद मरीजों के इलाज में धन की कमी आड़े नहीं आएगी। जरूरतमंदों की मदद के लिए अफसरों ने हाथ बढ़ाए हैं। मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह की पहल पर मंडल स्तरीय जनरल एंड चाइल्ड केयर फंड (जीएनसीसीएफ) की स्थापना की गई है। इसमें कोई सरकारी अनुदान नहीं होगा, बल्कि मंडल के अधिकारी स्वेच्छा से अनुदान करेंगे। सबसे पहले इस फंड से रामपुर के पांच वर्षीय प्रिंस के ब्रेन ट्यूमर का इलाज कराया जाएगा।
आंजनेय कुमार सिंह कमिश्नर से पहले रामपुर में डीएम थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए रामपुर में जनरल एंड चाइल्ड केयर फंड की स्थापना की थी। इसमें जिले के अधिकारियों ने स्वेच्छा आर्थिक मदद की। इस फंड से उन्होंने कई जरूरतमंद बच्चों के इलाज में मदद कराई। किसी के इलाज में तो किसी की पढ़ाई में लाभ मिला। रामपुर में इस पहल के सकारात्मक परिणाम सामने आए। अब कमिश्नर ने मंडल स्तर पर जनरल एंड चाइल्ड केयर फंड का गठन किया है। इसमें पदेन कमिश्नर अध्यक्ष, पदेन डीआईजी वरिष्ठ उपाध्यक्ष, डिप्टी डायरेक्टर समाज कल्याण सचिव, सहायक नियंत्रक (वित्त) इसके कोषाधिकारी और सभी डीएम सदस्य रहेंगे।
रामपुर में फंड से कराई थी 25 हजार की मदद
मुरादाबाद। रामपुर के शफी का कुआं निवासी सोनू वर्मा के दो पुत्रों व एक पुत्री में दूसरे नंबर के प्रिंस की शारीरिक बनावट भी बचपन में सामान्य बच्चों की तरह ही थी। बाद में उसका स्वास्थ्य खराब रहने लगा। चेक कराया तो ब्रेन ट्यूमर निकला। सोनू वर्मा ने रामपुर के तत्कालीन डीएम आंजनेय कुमार सिंह (अब कमिश्नर) से अपनी पीड़ा बताई। उन्होंने उसे 25 हजार रुपये की मदद की, जिसके बाद उसने बेटे को चंडीगढ़ ले जाकर दिखाया। डॉक्टरों ने प्रिंस के छोटा होने की बात कहते हुए अंदर सर्जरी न करते हुए थोड़ी बहुत बाहर सर्जरी की थी। शीतल ने बताया कि अब वह अपने बेटे का आपरेशन कराना चाहती है, लेकिन धन आड़े आ रहा है। कुछ दिन पहले वह इसकी फरियाद लेकर कमिश्नर कार्यालय गई थी, तब कमिश्नर ने एम्स दिखाने जाने के लिए किराये की व्यवस्था की थी।
कल दिल्ली एम्स जाएगा प्रिंस
मुरादाबाद। कमिश्नर ने बताया कि प्रिंस के परिवार वाले उसे एम्स में दिखा रहे हैं। सोमवार को प्रिंस फिर एम्स जा रहा है। वहां उसे डॉक्टर आपरेशन की जो डेट और स्टीमेट देंगे। उसकी व्यवस्था मंडल स्तर पर गठित जनरल एंड चाइल्ड केयर फंड से करेंगे। प्रिंस फिर से सामान्य बच्चों के साथ रह कर पढ़ सके इसका भी व्यवस्था करेंगे।
भीख मांगने वाले 50 बच्चों को भी शिक्षा से जोड़ने की होगी पहल
मुरादाबाद। कमिश्नर ने बताया कि एक शिकायत मिलने पर अपने अधीनस्थ अधिकारियों से सर्वे कराया, तो मुरादाबाद जिले में करीब 50 ऐसे बच्चे भी सामने आएं हैं, जो कि पढ़ाई के नाम पर भीख मांगने का काम करते हैं, लेकिन पढ़ाई नहीं करते। ऐसे बच्चों की भिक्षावृत्ति छुड़ाने का प्रयास किया जाएगा। उनकी शिक्षा की भी व्यवस्था जनरल एंड चाइल्ड केयर फंड से की जाएगी।
- कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति अपने जिले के डीएम अथवा अन्य पदाधिकारियों में से किसी के समक्ष भी प्रार्थना पत्र देकर मदद मांग सकता है। अगर उसे आकस्मिक तौर पर सहायता चाहिए होगी तो पहले सहायता दे दी जाएगी और फिर बाद में उसकी जांच की जाएगी। - आंजनेय कुमार सिंह, कमिश्नर, मुरादाबाद