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Moradabad News: अब जिला अस्पताल में तैयार होंगे मेडिसिन के विशेषज्ञ

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मुरादाबाद। पीडियाट्रिक्स के बाद अब जिला अस्पताल में मेडिसिन के विशेषज्ञ भी तैयार होंगे। इसके लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन एंड मेडिकल साइंसेज ने अनुमति दे दी है। नीट पीजी की परीक्षा में पास होने वाले डॉक्टरों का पहला बैच जनवरी 2026 तक पढ़ाई के लिए जिला अस्पताल में आ जाएगा। यहां मेडिसिन के दो विशेषज्ञ हैं, इसलिए हर छह माह में दो विद्यार्थी ही प्रवेश लेंगे। दो साल के पाठ्यक्रम के बाद परीक्षा होगी और उन्हें डीएनबी का प्रमाणपत्र मिलेगा।
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इन विद्यार्थियों को पढ़ाने व सिखाने का जिम्मा सीनियर फिजिशियन डॉ. एनके मिश्रा और डॉ. आशीष सिंह के पास रहेगा। हालांकि डॉ. मिश्रा का 30 जून को रिटायरमेंट है। अस्पताल प्रबंधन का प्रयास है कि एनएचएम के तहत उन्हें सेवा विस्तार का मौका दिलाया जा सके। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उनके बाद कोई अन्य फिजिशियन यहां जिम्मेदारी संभालेंगे। डीएनबी छात्रों के लिए क्लासरूम, लाइब्रेरी, कंप्यूटर सिस्टम व ठहरने की व्यवस्था जिला अस्पताल में हो चुकी है। डीएनबी कार्यक्रम को नोडल अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि जनवरी 2025 में मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश त्रिपाठी के नेतृत्व वाली टीम ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। टीम के बताए बिंदुओं पर छह महीने काम हुआ। हर छह माह पर दो छात्र आने से वार्डों में 24 घंटे ड्यूटी लगाई जा सकेगी। मेडिसिन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा।
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आईसीयू होगा संचालित, रेफर नहीं करने पड़ेंगे मरीज
मेडिसिन विभाग में छात्रों के आने से जिला अस्पताल में आईसीयू का संचालन हो सकेगा। सांस के गंभीर मरीज हायर सेंटर रेफर नहीं करने पड़ेंगे। फिलहाल सारी वार्ड में रखे पांच वेंटिलेटर्स का संचालन नियमित नहीं हो पा रहा है। डीएनबी छात्रों के प्रशिक्षण के बाद आईसीयू में बेडों की संख्या बढ़ाकर 10 की जा सकेगी। कोविड की अवधि में आए वेंटिलेटरों का संचालन भी हो सकेगा। वर्तमान में वेंटिलेटर व आईसीयू संचालन के लिए 16 जून को जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. एसपी सिंह समेत चार स्टाफ नर्स व एक एलटी केजीएमसी लखनऊ में प्रशिक्षण के लिए जाएंगे। इन्हें तीन माह तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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मेडिसिन में डीएनबी कोर्स संचालित करने के लिए एनबीएमएस ने मंजूरी दे दी है। नीट पीजी के बाद पहला बैच आएगा। इसके बाद हम सर्जरी व नेत्र रोग विभाग में डीएनबी कोर्स संचालित करने के लिए मानक पूरे कर रहे हैं।
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- डॉ. राजेंद्र कुमार, नोडल, डीएनबी कार्यक्रम
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