लखनऊ। फिर छिड़ी रात बात फूलों की, रात है या बरात फूलों की... फूल के हार फूल के गजरे, शाम फूलों की रात फूलों की...। यूं तो यह एक फिल्मी नगमा है लेकिन इन दिनों यह बिल्कुल मौजूं है। दिसंबर की गुलाबी ठंड में सहालग का बाजार गर्म है और साथ में फूलों की भीनी खुशबू शादी समारोहों में एक अलग तरह का अहसास घोल रही है।
महंगाई कितनी भी हो लेकिन दूल्हे-दुल्हन से लेकर उनके परिवार वाले घर, आंगन, मंडप और समारोह स्थल की सजावट के लिए इन प्राकृतिक फूलों को सबसे ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। दूल्हे की गाड़ी की साज-सज्जा हो या फिर दुल्हन के घर की सजावट, हर जगह प्राकृतिक फूलों की डिमांड बनी हुई है। रजनीगंधा से लेकर बर्ड ऑफ पैराडाइस जैसे फूलों से जहां मंडप सजाने की मांग हो रही है तो वहीं गाड़ियों को साइड में नेट से सजाने का चलन है जिसमें विदेशी फूलों का इस्तेमाल किया जा रहा है। फूलों की मांग पूरा करने में फूल कारोबारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
फूलों की मांग पूरी करने में फूल रहीं सांसें
फूलों का कारोबार करने वाले जमील बताते हैं कि उनके यहां इन दिनों विदेशी फूलों की मांग ज्यादा हो रही है। मंडप में बड़ी संख्या में गेंदा, कलकत्ता गेंदा और रजनीगंधा भी खूब डिमांड में है। 24 व 25 नवंबर और 9 व 10 दिसंबर को बड़ी सहालग थी जिसमें हम लोग फूलों की मांग को पूरा ही नहीं कर पाए। ऐसे में हम लोगों ने कई जगहों पर नकली फूलों का इस्तेमाल किया। कभी-कभी हम लोग घाटे में चले जाते है। सुबह महंगा फूल खरीदते हैं और शाम को सस्ता हो जाता है। हमारे परिवार में यह काम करीब 74 वर्ष से किया जा रहा है। बताया कि पूरी शादी में साज-सज्जा का काम हमारे यहां 12 हजार से लेकर 50 लाख तक के पैकेज पर होता है।
सफेद-पीला गेंदा, लड़ियों की मिक्सअप सजावट आ रही पसंद
फूलों का कारोबार करने वाले इंदिरानगर के शनि कुमार बताते हैं कि हल्दी में पूरी पीली थीम यानी गेंदा की मांग होती है। मेहंदी में हरे फूलों के साथ हरी लड़ियों की मांग हो रही हैं। गाड़ियों के डेकोरेशन में महंगे फूलों का इस्तेमाल हो रहा है। असली फूलों की साज-सज्जा थोड़ी महंगी है और नकली फूलों की सस्ती होती है। हाउस डेकोरेशन में नकली फूलों की सजावट 10 हजार से शुरू है वहीं असली फूलों की 20 हजार से शुरू होती है। सफेद और पीला गेंदा, लड़ियों आदि की मिक्सअप सजावट ज्यादा पसंद की जा रही है। कारोबारी पिंटू बेरा ने बताया, हमारे यहां फूलों की सजावट के लिए 10 हजार से एक लाख तक का पैकेज है। विदेशी फूल भी डिमांड पर मंगाए जाते हैं। गत 24 नवंबर को फूलों की सबसे ज्यादा मांग रही।